लांजी, बालाघाट खेमराज सिंह बनाफरे
लांजी। सरकारी छात्रावास मुख्य रूप से सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के छात्रों, खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों से आने वाले बच्चों को शिक्षा तक समान पहुँच प्रदान करने, उन्हें सुरक्षित और सहायक वातावरण देने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू किए गए हैं, ताकि वे महंगी शिक्षा या घर से दूरी के कारण पढ़ाई न छोड़ें और माध्यमिक व उच्च शिक्षा पूरी कर सकें। परंतु लांजी विकासखंड अंतर्गत शासकीय सीनियर अनुसूचित जाति बालक छात्रावास लांजी में इन शासकीय नियमों का कोई मापदंड नहीं है। उक्त छात्रावास में क्षेत्र के विधायक राजकुमार कर्राहे की अनुशंसा पर रह रहे दो मासूम बालक प्रियांश भीमटे एवं रियाल भीमटे भी रहकर अध्ययन कर रहे है। प्रियांश एवं रियाल के पिता रंजीत भीमटे का कोरोना काल में देहांत हो चुका है जिसके कारण इन दोनो बालको की मां भी अपना मानसिक संतुलन खो चुकी है। जिस पर विधायक राजकुमार कर्राहे ने मानवता का परिचय देते हुए दोनो बालकों शासकीय स्कूल में दाखिला कराकर उन्हें शासकीय सीनियर अनुसूचित जाति बालक छात्रावास लांजी में आश्रय दिलाया था। परंतु छात्रावास में उक्त दोनो बच्चों के दर्ज नहीं होने के कारण छात्रावास अधीक्षक पुरूषोत्तम मुरकुटे का इन पर कोई ध्यान नहीं है। जिसके परिणाम स्वरूप बालक प्रियांश भीमटे जो पिछले चार दिनों से अस्वस्थ है जिसकी जानकारी उसके द्वारा अधीक्षक को दी गई तो उसके द्वारा बच्चों को स्वयं सरकारी अस्पताल जाकर इलाज कराने की बात कही गई। वहीं इस संबंध में ग्राम पंचायत बिसोनी के उपसरपंच पवन कश्यप ने कहा की यह काफी निराशाजनक है की एक छात्रावास अधीक्षक अपने बीमार छात्र की दो दिन से अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद सुध लेने नहीं पहुंचा, जो कि एक बड़ी लापरवाही और जिम्मेदारी से बचने का उदाहरण है, जिससे छात्रावास प्रशासन और अधीक्षक के प्रति गंभीर सवाल उठते हैं कि वे छात्रों की देखभाल और सुरक्षा के प्रति कितने गंभीर हैं।
रोज शाम को घर चले जाते है अधीक्षक....
सिविल अस्पताल के जनरल वार्ड में भर्ती प्रियांश ने बताया की विधायक श्री कर्राहे द्वारा उन्हें छात्रावास में आश्रय दिलवाया गया था। परंतु यहां उनके साथ सामान्य बच्चों जैसा वातावरण नहीं मिलता। जिसका मुख्य कारण उनका छात्रावास की दर्ज संख्या में दाखिला नहीं होना है। उन्होने बताया की छात्रावास अधीक्षक पुरूषोत्तम मुरकुटे रोजाना शाम को 5 बजे या उससे पहले अपने पालडोंगरी स्थित आवास में चले जाते है और कर्मचारियो के भरोसे ही छात्रावास संचालित होता है। दो दिनों से अस्पताल में भर्ती बच्चों की जानकारी होने के बावजूद अधीक्षक उनका हाल चाल जानने नहीं जा सके। जिससे उनकी बच्चों के प्रति गंभीर लापरवाही देखने को मिली।
सिकलसेल का मरीज है बालक रियाल भीमटे.....
जानकारी अनुसार सिविल अस्पताल में भर्ती प्रियांश का छोटा भाई रियाल भीमटे सिकलसेल नामक बीमारी से पीडि़त है। उक्त दोनो ही बालको की संपूर्ण जिम्मेदारी विधायक राजकुमार कर्राहे द्वारा उठाई जा रही है एवं समय-समय पर उनकी देखरेख और उनकी आवश्यकता की चीजे उन्हें उपलब्ध कराई जाती है। दोनो बच्चों के ऊपर मां बाप का साया उठ जाने एवं कोई रिश्तेदार द्वारा उनकी जवाबदारी नहीं लेने पर विधायक श्री कर्राहे द्वारा स्वयं उनकी जिम्मेदारी उठाते उनका अभिभावक बनकर उनका लालन पालन किया जा रहा है। छात्रावास में भी दोनो बच्चों के रहने के लिये श्री कर्राहे द्वारा विभागीय अधिकारियों से चर्चा कर उनके रहने की व्यवस्था छात्रावास में कराई गई थी। श्री कर्राहे ने बताया की प्रियांश भीमटे काफी होनहार बालक है जिसके द्वारा कक्षा सातवी में 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक प्राप्त किये थे। वहीं प्रियांश भीमटे पढ़ाई में काफी होनहार है
विधायक का प्रयास सराहनीय: पवन कश्यप
इस संबंध में ग्राम पंचायत बिसोनी के उपसरपंच ने कहा की यह अत्यंत ही निराशाजनक है। हमारे क्षेत्र के विधायक द्वारा असहाय एवं अनाथ बच्चों को उच्च शिक्षा एवं शासकीय सेवाओं का लाभ मिल सके इस हेतु बेहतर प्रयास किये गये वहीं अधीक्षक द्वारा छात्रावास में बच्चों के दर्ज नहीं होने से उन पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है जो उनकी कुत्सित मानसिकता को दर्शाता है। उन्होने कहा छात्रावास में चारो तरफ अव्यवस्था का आलम है, हर तरफ गंदगी पसरी पड़ी है जिस पर अधीक्षक कोई ध्यान नहीं है। चार कर्मचारियों के होने के बाद भी ऐसे हालात है जो कतई माफ करने लायक नहीं है। विभागीय अधिकारियों को ऐसे अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करके सख्त कार्यवाही करना चाहिए और ताकि अन्य अधीक्षकों को इससे सबक मिले जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इनका कहना है....
यह अत्यंत ही दुखद है की एक शिक्षक जो बच्चों के अंधेरे जीवन में प्रकाश फैलाते हैं उनके द्वारा ऐसी लापरवाही बरती जा रही है। मेरे द्वारा दोनो बच्चों की पूर्ण जिम्मेदारी उठाई जा रही है। वहीं दोनो बच्चो के रहने के लिये उच्च अधिकारियों से चर्चा कर छात्रावास में रहने की व्यवस्था बनाई गई थी एवं अधीक्षक को सभी बच्चों के जैसे ही ध्यान रखने कहा गया था। जबकि दोनो बच्चों की अन्य जिम्मेदारियों का मेरे द्वारा स्वयं ध्यान रखा जाता है उन्हें रोजमर्रा की सभी आवश्यक चीजों की सहूलियत हम करा रहे है। परंतु छात्रावास अधीक्षक का ऐसा रवैया कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्हें हटाने के लिये विभाग को पत्र लिखा जाएगा और सख्त कार्यवाही के लिये कहा जाएगा।
राजकुमार कर्राहे, विधायक
लांजी किरनापुर विस
