अशोकनगर ब्यूरो चीफ राजेंद्र प्रसाद की रिपोर्ट::
मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा जिला प्रशासन एवं सनसेट डेज़र्ट कैंप के सहयोग से संचालित हो रहे चंदेरी इको रिट्रीट के तृतीय संस्करण में देशभर से आए पर्यटकों को नगर में इतिहास, हैंडलूम, संस्कृति और रोमांच का अभूतपूर्व संगम देखने को मिल रहा है।
चंदेरी इको रिट्रीट में इस बार भी रोमांचक गतिविधियां सबसे बड़ा आकर्षण बनी हुई हैं। देशभर से आए पर्यटक एडवेंचर ज़ोन में संचालित गतिविधियों का आनंद ले रहे हैं। साथ ही पैरामोटरिंग और हॉट एयर बलून के माध्यम से ऐतिहासिक नगरी को आसमान से देखने का रोमांच प्राप्त हो रहा है। इसके साथ ही कटी घाटी की हरियाली और घाटीदार मार्गों पर एटीवी राइड्स से गति का रोमांच, ज़िपलाइन से चंदेरी की प्राकृतिक वादियों के ऊपर उड़ान जैसा अनुभव मिल रहा है। प्रतिभागियों ने बताया कि एक ही स्थान पर इतिहास, प्रकृति और एडवेंचर का ऐसा संगम दुर्लभ है।
शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने वीडियो संदेश में चंदेरी को प्रकृति, इतिहास और सांस्कृतिक समृद्धि से भरपूर बताकर कहा था कि, यह ऐतिहासिक नगर अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय मंत्री, संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास, श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था कि, चंदेरी की किलेबंदी, बावड़ियां और महल हमारे गौरवपूर्ण इतिहास और बुंदेलखंड की सांस्कृतिक वीरता के चमकते प्रतीक हैं।
सांस्कृतिक व संगीत कार्यक्रमों ने पर्यटकों को किया भावविभोर
देश के प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियों ने चंदेरी की रातों को सुर लहरियों और लोकधुनों से सराबोर कर किया। कविश सेठ के इंडी-फ्यूज़न और 'नोरी' वाद्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अब आने वाले दिनों में पद्मश्री कैलूराम बामनिया का मालवी कबीर गायन, राघवेंद्र कुमार की मोहन वीणा/सितार जुगलबंदी, "SANGAT" बैंड की ऊर्जावान फोक-प्यूज़न प्रस्तुति के साथ ही प्रतिभा पाठक की सूफी-लोक-कथा गायन प्रस्तुति का आनंद लेने का मौका मिलेगा।
देश-विदेश के पर्यटकों के लिये आदर्श गंतव्य बना चंदेरी ईको रिट्रीट
लक्ज़री ग्लैम्पिंग - प्रकृति और आराम का अनोखा मेल
कटी घाटी के पास स्थापित टेंट सिटी चंदेरी ईको रिट्रीट में मेहमानों को विश्वस्स्रीय ग्लैम्पिंग अनुभव
बघेलखंड और बुंदेलखंड के पारंपरिक व्यंजन का स्वाद।
