मध्यप्रदेश शिवपुरी से नितिन राजपूत जिला ब्यूरो
जिले के पोहरी तहसील मै
पोषण केंद्रित ग्राम विकास योजना के लिए सामुदायिक समूहों और विभागों की समन्वय बैठक संपन्न
पोहरी/शिवपुरी। स्वास्थ्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ग्राम विकास योजनाओं को पोषण केंद्रित नजरिये से तैयार करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस दिशा में वैधानिक समितियों और सामुदायिक समूहों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह विचार संस्था विकास संवाद द्वारा आयोजित समन्वय बैठक सह कार्यशाला में व्यक्त किए गए। पोहरी जनपद के 25 गांवों के सामुदायिक समूहों के प्रतिनिधियों और विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारियों सहित कुल 66 सहभागियों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
सहरिया समुदाय की पोषण सुरक्षा पर जोर:
कार्यक्रम की शुरुआत में विकास संवाद के सह-समन्वयक रामकुमार विद्यार्थी ने सहरिया समुदाय में स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थितियों में सुधार लाने के लिए चलाए जा रहे विशेष कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। कार्यक्रम समन्वयक आरती पाराशर ने 'समुदाय आधारित पोषण प्रबंधन मॉडल' पर चर्चा करते हुए बताया कि बिना सामुदायिक भागीदारी के पोषण सुरक्षा का लक्ष्य प्राप्त करना कठिन है।
सामुदायिक प्रयासों से आएगा बदलाव:
जिला समन्वयक अजय यादव ने परियोजना के तहत किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिन गांवों में पोषण केंद्रित परियोजनाएं संचालित हैं, वहां समुदाय की विशेष भूमिका देखी गई है। समूहों के माध्यम से ही हम इस पहल को धरातल पर आगे बढ़ा रहे हैं। वहीं, मांगेश सोनी ने समूहों की रणनीति साझा करते हुए बताया कि हर महीने बैठक कर समुदाय की समस्याओं को हल करना और लोगों की क्षमताओं को बढ़ाना ही हमारा मुख्य लक्ष्य है ताकि समुदाय सशक्त और आत्मनिर्भर बन सके।
विभागीय अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति:
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने शिरकत की और विभागीय योजनाओं को पोषण से जोड़ने पर सुझाव दिए। कार्यक्रम में जनपद पंचायत पोहरी से राकेश सिंह रघुवंशी व दीपेंद्र यादव, पशुपालन विभाग से संजय अहिरवार, उद्यानिकी विभाग से बी.आर. मित्तल और कृषि विभाग से पाटीदार जी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि सरकारी योजनाओं और सामुदायिक प्रयासों के समन्वय से पोषण स्तर में बड़ा सुधार लाया जा सकता है।
