पुसद | प्रतिनिधि
पुसद शहर में वर्ष 2008 में हुई बहुचर्चित दंगा घटना से जुड़े मामले में आखिरकार न्यायिक निर्णय सामने आ गया है। इस प्रकरण में सभी आरोपियों को अदालत ने निर्दोष बरी कर दिया है। मामले की सुनवाई पुसद स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में हुई।
इस प्रकरण की जांच पुसद शहर पुलिस स्टेशन द्वारा की गई थी तथा जांच के पश्चात आरोप पत्र दाखिल किया गया था। सरकारी पक्ष की ओर से कुल 10 गवाहों की जांच की गई। यह मामला अत्यंत विवादास्पद (Highly Contested) स्वरूप का रहा।
सेशंस केस क्रमांक 72/2009 (राज्य बनाम अज़रोद्दीन व अन्य 10) के निर्णय में माननीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश क्रमांक 1, श्रीमती एस. जे. रामगडिया ने भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 149, 324, 427 एवं 395 के अंतर्गत लगाए गए सभी आरोपों से आरोपियों को बरी कर दिया।
आरोपियों की ओर से एडवोकेट तनवीर खान ने प्रभावी, सटीक और कानूनी दृष्टि से मजबूत दलीलें पेश करते हुए सभी आरोपियों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता के लिए उनका सर्वत्र हार्दिक अभिनंदन किया जा रहा है।
साथ ही, इस प्रकरण में सहयोग करने वाले एडवोकेट इमरान चव्हाण, एडवोकेट मिस्बाह एवं एडवोकेट अमोल भालेराव को भी बधाई दी जा रही है।
इस फैसले से सभी आरोपियों को बड़ी राहत मिली है, वहीं न्यायालय के इस निर्णय को लेकर कानूनी और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा की जा रही है।
