न्यूज़ रिपोर्टर देवकरण माली
भीलवाड़ा। ज़िला उपभोक्ता मंच, भीलवाड़ा ने एक ऐतिहासिक फैसले में डी-मार्ट को खराब गुणवत्ता वाला कैरी बैग ₹6 में बेचने के लिए उपभोक्ता को ₹5,000 का मुआवज़ा देने का आदेश दिया है। न्यायालय ने इसे 'सेवादोष' मानते हुए डी-मार्ट एवेन्यु सुपरमार्ट लिमिटेड को यह राशि दो माह के भीतर अदा करने का निर्देश दिया है।
यह था पूरा मामला
मामला जवाहर नगर निवासी उपभोक्ता अनामिका सुवालका से जुड़ा है। उनके अधिवक्ता मुकेश सुवालका ने बताया कि अनामिका ने डी-मार्ट, भीलवाड़ा से सामान खरीदने के बाद उसे रखने के लिए एक कैरी बैग खरीदा था, जिसकी कीमत ₹6 थी।
परिवादी ने शिकायत में कहा कि कैरी बैग की क्वालिटी इतनी घटिया थी कि सामान रखते ही वह क्षतिग्रस्त हो गया और उनके किसी उपयोग का नहीं रहा। इसके बाद, अनामिका सुवालका ने डी-मार्ट के खिलाफ ज़िला उपभोक्ता मंच में परिवाद दायर किया।
न्यायालय का फैसला
न्यायालय ने परिवादी के अधिवक्ता मुकेश सुवालका द्वारा प्रस्तुत तर्कों, दलीलों और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का गहनता से विवेचन किया। मंच ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि विपक्षी (डी-मार्ट) द्वारा परिवादी से कैरी बैग की राशि वसूलने के बावजूद उन्हें खराब कैरी बैग दिया गया, जिससे कैरी बैग उनके किसी काम का नहीं रहा।
न्यायालय ने डी-मार्ट के इस कृत्य को 'सेवादोष की श्रेणी' में माना। मंच ने कहा कि परिवादिया का परिवाद स्वीकार किया जाकर विपक्षी से उन्हें अनुतोष दिलवाना न्यायोचित है। अतः, न्यायालय ने डी-मार्ट एवेन्यु सुपरमार्ट लिमिटेड़, प्लॉट नम्बर 1, सेक्टर 4, सुखाडिया सर्किल, अजमेर रोड भीलवाड़ा को आदेश दिया है कि वह परिवादी अनामिका सुवालका को कुल पाँच हज़ार रुपये (₹5,000) की राशि दो माह की समय सीमा के भीतर अदा करे।
