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खैरागढ़ में झोलाछापों का तांडव — मौत के सौदागर बन बैठे नकली डॉक्टर - NN81



स्थान - खैरागढ़

खैरागढ़। स्वास्थ्य विभाग की नाक तले झोलाछाप डॉक्टरों का साम्राज्य फल-फूल रहा है। न कोई रोक, न कोई जांच — और इस लापरवाही का खामियाज़ा अब निर्दोष ग्रामीणों की जान से चुकाना पड़ रहा है। ताजा मामला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम अतरिया और नर्मदा से सामने आया है, जहाँ अवैध क्लिनिक और बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर खुलेआम चलाए जा रहे हैं। इनमें न सिर्फ फर्जी इलाज किया जा रहा है, बल्कि इसी लापरवाही ने एक युवा महिला की जान ले ली। इस पूरे मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मीना पाल ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी CMHO को गंभीर शिकायत सौंपी है और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

 पहला मामला — “अतरिया” में बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर, खून की जांच और इलाज का धंधा


शिकायत के मुताबिक ग्राम सोनपूरी निवासी हिमलेश वर्मा ने ग्राम अतरिया में दूसरे व्यक्ति के नाम से मेडिकल स्टोर खोल रखा है, जहाँ बिना किसी वैध लाइसेंस के खून की जांच (ब्लड टेस्ट) और इलाज का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।

बताया जा रहा है कि वह बाहरी डॉक्टरों को बुलाकर मरीजों को दवाइयाँ बाँटता है और जांच करता है — मानो यह कोई सरकारी अस्पताल हो।

ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय मिलीभगत के कारण यह अवैध काम कई महीनों से बिना रोकटोक चल रहा है।


 दूसरा मामला — “नर्मदा” में झोलाछाप की लापरवाही से 22 साल की महिला की मौत


25 सितंबर 2025 को ग्राम बेलगांव (गंडई) निवासी सुमन मिर्चें (22 वर्ष) अपने पति महेश मिर्चें के साथ ग्राम नर्मदा स्थित एक निजी क्लिनिक पहुँची थी। क्लिनिक संचालक भक्कू चंदेल, जो खुद को B.E.M.S. डिग्रीधारी डॉक्टर बताता है, ने बिना किसी जांच या सलाह के इंजेक्शन लगा दिया।कुछ ही मिनटों में महिला की हालत बिगड़ गई, और बेहोश होकर गिर पड़ी।

उसे छुईखदान अस्पताल और फिर राजनांदगांव भेजा गया — मगर रास्ते में ही सुमन की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यह मौत भक्कू चंदेल की लापरवाही और अवैध इलाज का नतीजा है। मृतका के पीछे 9 माह का मासूम बच्चा है, जिसकी मां अब सिर्फ एक प्रशासनिक दस्तावेज़ बनकर रह गई।


 भय और दबाव में परिजनों ने दर्ज नहीं की शिकायत


शिकायतकर्ता मीना पाल ने बताया कि जिले में सक्रिय स्वास्थ्य माफियाओं के डर और प्रभाव के चलते मृतका के परिवार ने अब तक पुलिस में औपचारिक रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है।

हालांकि, उन्होंने मीडिया को दिए बयान में पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की है, जिसका वीडियो साक्ष्य मीना पाल द्वारा स्वास्थ्य विभाग को भेजा गया है।


 जांच और कार्रवाई की मांग


मीना पाल ने अपनी शिकायत में मांग की है कि —

दोनों घटनाओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जाए। ग्राम अतरिया के अवैध मेडिकल स्टोर और ग्राम नर्मदा के झोलाछाप क्लिनिक को तत्काल सील किया जाए। दोषियों हिमलेश वर्मा और भक्कू चंदेल के खिलाफ विधिसंगत दंडात्मक कार्रवाई हो। स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण अंचलों में चल रहे फर्जी डॉक्टरों और मेडिकल स्टोर्स पर विशेष अभियान चलाए।


मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला खैरागढ़ छुई खदान गंडई 


ग्राम अतरिया और नर्मदा में अवैध चिकित्सा गतिविधियों और झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से महिला की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच समिति गठित कर दी गई है और जांच शुरू कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई ने बताया कि जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

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