लक्ष्मण रैकवार तेन्दूखेड़ा
तेन्दूखेड़ा----मध्यप्रदेश में चिन्हित जगहों पर आदिवासी लोगो के बच्चो को रह कर पढ़ाई करने के लिए सरकार के द्वारा छात्रावास खोले गए है।और इन छात्रावासों का संचालन आदिम जाति कल्याण विभाग करता है ओर इन छात्रावासों में बच्चो को भोजन,सोने के लिये पलँग बिस्तर, खेलनेओर मनोरंजन के सारे साधन उपलब्ध रहते हैं।इनमे जो बच्चे रहते हैं उन्हें पोषण युक्त भोजन एवम नास्ता दिया जाता है भोजन मीनू के अनुसार दोनो टाइम अलग अलग दिया जाता है।लेकिन कुछ जगहों पर बच्चो के साथ अन्याय किया जाता है,उन्हें मीनू के अनुसार भोजन नही दिया जाता है।तेन्दूखेड़ा से 27 किलोमीटर दूर ग्राम पूरा में खुला शासकीय जन जातीय जूनियर बालक छात्रावास पुरा में बच्चो को मीनू के अनुसार नही दिया जाता है।छात्रावास में पढ़ बच्चो ने बताया है कि हमे भोजन स्वादिष्ट नही मिलता है।भोजन में पोषक तत्वों की कमी रहती है।बच्चो ने बताया है किसुबह दाल चावल और रोटी मिलती हैं और शाम को सोयाबीन की बड़ी की सब्जी एवम रोटी मिलती है।हरि सब्जी महीने में एक दो बार ही मिलती है।बच्चो ने बताया है कि दाल और सब्जी दोनो पतली ही मिलती है जो स्वादिष्ट नही रहती है,शासन के मीनू के अनुसार काबुली चना,आलू टमाटर, आलू गोभी,आलू मटर की सब्जी,लोकी टमाटर, आलू बैगन की सब्जी सातों दिन अलग अलग सब्जी के निर्देश है और दोनो टाइम दाल चावल देने के भी प्रावधान हैJ।बच्चो को चाय, साबुन तेल मंजन आदि नही मिलते हैं।सुबह नाश्ते मेंपोहा ओर शाम को दो बिस्किट मिलते हैं।जबकि नास्ते में इनके अलावा हलवा चना नमकीनओर मीठे फल आदि भी मीनू में है लेकिन अधीक्षक के द्वारा इन्हें नही दिया जाता है।बच्चो ने बताया है कि हमारे अधीक्षक राम बिहारी विश्वकर्मा 15 दिनों में ही एक बार ही आते हैं और हमारे साथ मे रात को एक चोकीदार सोता है।बच्चो के लिये खेलने के पर्याप्त साधन नही है और ना ही कोई साफ सुथरा खेल मैदान है।मनोरंजन के साधन भी छात्रावास में नही है।बच्चो ने साफ सफाई के लिये भी सवाल उठाए हैं।स्थानीय लोगो ने बताया है कि छात्रावास अधीक्षक दमोह ब्लाक के ग्राम गुरु तोला ग्राम की शाला में पदस्थ है इसलिये वे ज्यादा छात्रावास की ओर ध्यान नही देते हैं।
अधीक्षक राम बिहारी विश्वकर्मा से बात की तो बताया है कि सोयाबीन की बरी बच्चो की डिमांड पर बनती है।जबकि सारी सब्जियां रसोई घर मे रखी हुई है।नास्ते में भी सब कुछ मिलता है, में एक सरकारी कर्मचारी हु इसलिये लगता हैं कि में लापरवाह हु
