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खाद वितरण केंद्र बना भ्रष्टाचार का केंद्र - NN81



तह. बाड़ी जिला रायसेन 

ब्रजेश ठाकुर की रिपोर्ट

बाड़ी।  खाद वितरण केंद्र भ्रष्टाचार के केंद्र बन गए खुलेआम दलाली प्रथा लागू है खुलेआम अतिरिक्त राशि में बाजार में ₹400 अतिरिक्त चार्ज मैं बाजार में खरीदा जा सकता है बाड़ी क्षेत्र का किसान एक बोरी के लिए पसीना बहा रहा हैं डीएपी यूरिया की गाड़ियां गोदाम से निकलती है और रातों-रात पलक झपकते ही गायब हो जाती है गत दिनों 2500 बोरी बाड़ी गोदाम आई और किसनो की संख्या लगभग 1000 थी व्यवस्था पूरी तरीके से चौपट दिखाई दे रही थी किसानों का गुस्सा इस बात को लेकर था की गोदाम प्रभारी कमी बता रहे हैं और खुलेआम बाजार में ₹1700 और ₹400 में यूरिया मनमर्जी से बिक रहा है खुलेआम बिक रहा है फिर यह सामग्री बाजार में कैसे आ रही है सवाल यह भी है की जरूरत पर किसानों को सामग्री नहीं मिलेगी तो फिर यह सुविधा किसके लिए है किसानों का यह भी आरोप है कि अधिकारियों के दुकानदारों से बड़ी साठ गांठ हैं ।बड़े स्तर कालाबाजारी हो रही है दलाली प्रथा से किसान काफी नाराज सूचना व्यवस्था भी प्रभारी केंद्र में चौपट हो गई है सूचना जानकारी अधिकारी देते नहीं है वह मनमर्जी के राजा बन गए सरकारी डाक का मजाक उड़ाया जा रहा है इधर किसानों का आरोप है वितरण पंजी में रात में नाम दर्ज हो जाते हैं प्रतिदिन वितरण पंजी का प्रकाशन नहीं किया जाता स्टॉक पंजी को जानबूझकर खाली बताया जाता है क्योंकि प्रतिदिन की रिपोर्ट न होने के कारण कालाबाजारी बड़े स्तर पर हो रही है गांव गांव में दलाल इस व्यवस्था में शामिल हो गए इधर जिला केंद्र में भी प्रभारी की मनमानी की शिकायत  दर्ज हो रही है सूचना अधिकार नियम का पालन भी नहीं किया जा रहा है सोमवार को लगभग 1000 किसानों ने प्रातः 4:00 बजे से लाइन में लगे किसानों का दर्द देखकर क्षेत्र के कई लोग वितरण केंद्र बाड़ी में सुबह से खड़े हो गए 2 से 5 वोरी की वितरण व्यवस्था की गई अब सवाल उठता है की किस को जरूरत के आधार पर डीएपी नहीं मिल रहे किसान को मजबूर होकर 300 से ₹400 अतिरिक्त राशि देकर डीएपी 100-150 रुपए अतिरिक्त अतिरिक्त राशि देकर खुले बाजार में सामग्री खरीदने पर मजबूर होना पड़ेगा उधर किसानों में चेतावनी दी है कि यदि तत्काल व्यवस्था को नहीं सुधरा गया तो बड़ा आंदोलन खड़ा कर देगे

किसानों ने दलाली प्रथा बंद करो भ्रष्टाचार बंद करो के नारे लगाकर प्रभारी की मनमानी के खिलाफ आवाज बुलंद की है अब देखना यह है कि हजार किसनो की आवाज को सरकार और प्रशासन सुन पाएगा या नहीं क्योंकि भ्रष्टाचार के युग में गरीब किसान की मांग कभी पूरी नहीं होती और अब किसानों को शासन और प्रशासन के खिलाफ खड़े होना पड़ेगा सोमवार को किसान बहुत नाराज प्रशासन खड़ा था लेकिन मनमर्जी करने वाले मनमर्जी कर रहे थे उन पर कोई अंकुश नहीं था इधर किसानों ने कलेक्टर से प्रतिदिन वितरण पंजी और स्टॉक पंजी की जांच करने की मांग की है रात के अंधेरे में बिकने वाली खाध पर रोक लगाने की मांग की है।

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