लक्ष्मण रैकवार तेन्दूखेड़ा
तेन्दूखेड़ा---नगर तेन्दूखेड़ा के सरकारी अस्पताल में इन दिनों भारी लापरवाही सामने आ रही है जिसका खामियाजा भर्ती मरीजों को भुगतना पड़ा रहा है।बीती रात ल्गभग 8 बजे तेन्दूखेड़ा अस्प्ताल में अचानक पानी की सप्लाई रुक गयी।सभी नलों से पानी नही आ रहा था।जिससे समस्या गम्भीर है।रात को अचानक पानी खत्म होना ऑफर तफरी का माहौल निर्मित हो गया था।लोग पीने के पानी का इंतजाम तो हर कहि से कर लेगा लेकिन समस्या शौचालयों में पानी ना होने से हो रही थी।इसमे भी जो लोग मरीजो के साथ आये थे वे अपना जुगाड़ बाहर बने शोचालय से काम चला भी ले लेकिन जो मरीज भर्ती हैं वो बाहर ही जा सकती हैं इनमे अधिकतर प्रसव बाद कि महिलाएं थी जिन्हें आराम करने की सलाह विशेष तौर से डाक्टर देते हैं ऐसे में ऐसी महिलाएं जो अभी अभी महिलाएं बनी हुई है वे शोचालय के प्रयोग के लिये बाहर जाए ये उनके स्वस्थ्य के लिये गम्भीर बात है।भर्ती महिलाओं के परिजनों ने बताया है कि पानी ना होने की बजह से अस्प्ताल के सारे शोचालय गन्दे हो गए थे रात भर पानी नही था पानी की मोटर सुबह साढ़े सात बजे चालू की गई थी सुबह सुबह मरीजो एवं उनके परिवार जनों के लिए फ्रेश होने के लिए पानी की जरूरत थी लेकिन पानी नही था।जो सुबिधा अस्प्ताल में निशुल्क मिलनी थी उसके लिये लोग सुबह कंप्लेक्श में पैसा देकर लाइन में लगकर ले रहे थे।अस्प्ताल में पानी की समस्या आये दिन बनी रहती है जब देखो पानी खत्म ही हो जाता है जबकि अस्प्ताल का खुद का बोर खुदा हुआ है और उसमें पर्याप्त पानी है और टँकीया भी पर्याप्त है लेकिन पानी असमय ही समाप्त हो जाता है।लोगो ने आरोप लगाया है कि तेन्दूखेड़ा अस्प्ताल में वाटर मेन की पोस्ट नियमित है और उन्हें मोटी वेतन भी हर माह मिलती है ,ओर लोगो ने आरोप लगाया है कि वाटर मेन पर जिनकी नियुक्ति है उनकी पहली जवैनिग तेंदूखेड़ा से ही हुई थी और तब से लेकर अभी तक ल्गभग 20 वर्षो से यही पर नियुक्त है इनका कभी तबादला नही हुआ है जबकि इतनी लंबी पोस्टिंग किसी सरकारी कार्यालय में किसी कर्मचारी की नही देखी गयी है।इनके द्वारा कई बार अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही करते हुए देखा गया है फिर भी किसी अधिकारी ने इनकी लापरवाही को संज्ञान में नही लिया गया।नतीजा इनकी लापरवाहियां हद से ज्यादा बढ़ने लगी है,जब वाटर मेन मुकेश पटेल से बात की तो बताया है कि शोचालय मेसे से किसी ने नल तोड़ दिया था इसलिये पानी खाली हो रहा हैवही ब्लाक चिकित्सा अधिकारी अशोक बरोनिया को फोन लगाया तो उन्होंने फोन नही उठाया।
