संवाददाता
मनोज कुमार पात्रे
बिलासपुर छत्तीसगढ़
शासकीय कर्मचारी का दर्जा और 25 हजार मासिक वेतन की मांग, एक घंटे तक लगा जाम
बिलासपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने कलेक्टोरेट का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने शासकीय कर्मचारी का दर्जा देने की मांग रखी। कलेक्टोरेट के सामने किए गए प्रदर्शन से करीब एक घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की बिलासपुर जिला शाखा ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संघ का कहना है कि 50 वर्षों से सेवाएं देने के बाद भी उन्हें न कर्मचारी का दर्जा मिला है और न ही श्रमिक का। न्यूनतम मजदूरी, पेंशन, ग्रेच्युटी, समूह बीमा और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि अक्टूबर 1975 से आईसीडीएस की स्थापना के बाद से वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचा रही हैं। देश भर में इनकी संख्या 27 लाख है।संघ ने कार्यकर्ताओं के लिए 25 हजार और सहायिकाओं के लिए 22,100 रुपए मासिक वेतन की मांग की है। साथ ही उन्होंने शिक्षाकर्मी और पंचायत कर्मी की तरह कार्यकर्ताओं को तृतीय श्रेणी और सहायिकाओं को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की है।
ग्रेच्युटी और पेंशन की मांग को लेकर संघ ने सौंपा ज्ञापन
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ ने छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव, जिला कार्यक्रम अधिकारी और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए कई प्रमुख मांगें रखीं। ज्ञापन में कार्यकर्ताओं के लिए 10,000 रुपए और सहायिकाओं के लिए 8,000 रुपए मासिक पेंशन की मांग की गई है।इसके साथ ही, कार्यकर्ताओं को 5 लाख रुपए और सहायिकाओं को 4 लाख रुपए एकमुश्त ग्रेच्युटी प्रदान करने की मांग भी की गई। संघ ने सेवा के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग भी उठाई है।

