संजू नामदेव हरदा।
हरदा विधायक डॉ. दोगने द्वारा मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिवस हरदा में पुलिस प्रशासन द्वारा करणी सेना व सर्व समाज पर किए गए लाठीचार्ज का मुद्दा विधानसभा में उठाया और विधानसभा अध्यक्ष से उक्त पूरे प्रकरण को अपने संज्ञान में लेकर प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर दंडात्मक कार्यवाही करने, पुलिस द्वारा जिन आमजनों की चल अचल संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है उन्हें उचित मुआवजा राशि दिलाने व करणी सेना व आमजनों पर पुलिस द्वारा की गई फर्जी एफ.आई.आर. को निरस्त करने की मांग की गई।
हरदा विधायक डॉ दुगने द्वारा शून्यकाल सूचना के माध्यम उक्त प्रकरण को विधानसभा में उठाया गया और कहां गया कि हरदा में दिनांक 12/07/2025 को ठगी के प्रकरण में पुलिस द्वारा की जा रही अनुचित कार्रवाई के संबंध में करणी सेना के जिला अध्यक्ष सुनील सिंह राजपूत अपने साथियों के साथ पुलिस अधिकारियों से चर्चा करने हेतु पुलिस थाना हरदा पहुंचे थे परंतु पुलिस द्वारा उनसे संवाद किए बिना ही अनुचित तरीके से बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज कर करणी सेना की जिला अध्यक्ष व उनके साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसके पश्चात पुलिस द्वारा की गई अनुचित कार्रवाई से नाराज होकर दिनाँक 13/07/2025 को करणी सेना के साथ राजपूत, ब्राह्मण, गुर्जर, बिश्नोई, जाट, गौर, सेन, यादव, मुस्लिम अन्य व सर्व समाज द्वारा दोषी अधिकारियों पर दंडात्मक कार्यवाही करने व गिरफ्तार किए गए करणी सेना के जिला अध्यक्ष व उनके साथियों को रिहा करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया जा रहा था। जिसमें प्रशासन से संवाद करने हेतु करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर हरदा पधारे थे, परंतु पुलिस प्रशासन द्वारा बिना संवाद किए करणी सेना, सर्व समाज व उपस्थित समस्त आमजनों पर अनुचित तरीके से बर्बरता पूर्वक लाठी चार्ज किया गया और करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित सैकड़ो निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आमजन की चल-अचल संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। उक्त घटना के संबंध में चर्चा करने हेतु राजपूत समाज के वरिष्ठजन स्थानीय राजपूत छात्रावास में एकत्रित हुए थे। तब पुलिस द्वारा राजपूत छात्रावास के अंदर घुसकर पुनः बर्बरता पूर्वक लाठी चार्ज किया गया और राजपूत छात्रावास में तोड़फोड़ की गई। जो कि पुलिस प्रशासन द्वारा किया गया अति निंदनीय व अनुचित कृत्य था। जिससे सरकार व जिला प्रशासन की छवि खराब हुई और हरदा जिले की शांति व्यवस्था भंग हुई, जिससे हरदा जिलेवासियो में काफी रोज व्याप्त है। इसके पश्चात दिनांक 19/07/2025 को उक्त घटना के विरोध में राजपूत एवं सर्व समाज के द्वारा हरदा बंद व मौन रैली निकली गई। जिसमें लगभग 20 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। अन्याय के विरुद्ध निकल गई मौन रैली में, मैं भी शामिल हुआ था। जो की पूर्णतः शांतिपूर्ण तरीके से निकली गई और किसी भी प्रकार की कोई भी कानून व्यवस्था को भंग करने वाली स्थिति निर्मित नहीं हुई। हरदा जिला शांति का टापू है जिसकी शांति को जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों द्वारा अनुचित कार्यवाही कर भंग करने की कोशिश की गई। इस हेतु मेरा आपसे अनुरोध है कि उक्त पूरे घटनाक्रम को आप अपने संज्ञान में लेकर प्राथमिकता से पूरे घटनाक्रम की न्यायिक व निष्पक्ष जांच करा कर दोषी अधिकारियों पर दंडात्मक कार्यवाही करने का कष्ट करें जिससे कि इस प्रकार के कृत्य की पुनरावृति ना हो सके और पीड़ितों को न्याय मिले। जिस पर मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष द्वारा उक्त घटना की जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया है।
