संवाददाता जगदीश राठौर की रिपोर्ट
कलेक्टर श्री किशोर कुमार की अध्यक्षता में राजस्व एवं नगरीय प्रशासन की संयुक्त बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें गुनिया नदी एवं गोपालपुर तालाब से संबंधित अतिक्रमण, सफाई एवं विकास कार्यों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में भाजपा जिलाअध्यक्ष श्री धर्मेंद्रसिंह सिकरवार, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सविता अरविन्द्र गुप्ता, अपर कलेक्टर श्री अखिलेश जैन, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक दुबे सहित जनप्रतिनिधिगण एवं समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
गुनिया नदी पर गहन चर्चा
बैठक में एसडीएम श्रीमती शिवानी पांडे द्वारा गुनिया नदी की भौगोलिक स्थिति और अतिक्रमण की वर्तमान स्थिति पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने वर्ष 2012, 2017, 2019 और 2025 के गूगल मैप के माध्यम से नदी के प्राकृतिक बहाव में आए परिवर्तनों एवं अतिक्रमण की स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाया। वर्तमान में नदी पर 77 अतिक्रमण बिंदु चिन्हित किए गए हैं।
जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों द्वारा प्रमुख सुझाव प्रस्तुत किए गए, जिनमें नदी किनारे साइन बोर्ड लगाने, जेसीबी मशीन से नदी का गहरीकरण एवं सफाई कराने, तथा चिन्हित अतिक्रमणों को शीघ्र हटाने की मांग की गई।
भाजपा जिलाध्यक्ष श्री धर्मेंद्र सिंह सिकरवार ने कहा समस्याओं का समाधान चक्का जाम जैसी गतिविधियों से नहीं, बल्कि जन-जागरूकता एवं सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सविता अरविन्द्र गुप्ता ने अतिक्रमण विरोधी अभियान में प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
कलेक्टर श्री किशोर कुमार ने कहा वर्तमान में वर्षा समाप्त नहीं हुई है, इसलिए सतर्क रहना आवश्यक है। उन्होंने राजस्व एवं नगरीय प्रशासन को संयुक्त रूप से एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया आगामी समय में अतिक्रमण हटाने की कार्ययोजना बनने के बाद 10 अलग-अलग टीमों का गठन किया जाएगा। उन टीमों के पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध किए जाएंगे जिससे कार्रवाई तेजी से और तुरंत हो सकेगी।
गोपालपुर तालाब के संरक्षण की कार्ययोजना
बैठक के दूसरे चरण में गोपालपुर तालाब से संबंधित विषयों पर जल संसाधन विभाग द्वारा पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई। विभाग द्वारा तालाब की वर्तमान स्थिति, जल निकासी व्यवस्था एवं अतिक्रमण से उत्पन्न समस्याओं को विस्तार से प्रस्तुत किया गया।
बताया गया पूर्व में किए गए तालाब के कटाव की मरम्मत की जाएगी और दीर्घकालिक समाधान के अंतर्गत तालाब की समुचित सफाई, गहराई व चौड़ाई में वृद्धि, एवं आसपास के अनावश्यक पेड़-पौधों को हटाने का कार्य किया जाएगा। बैठक में उपस्थित जनों ने जल संसाधन विभाग द्वारा जलभराव की स्थिति में तालाब में कटाव कर वैकल्पिक जल निकासी के निर्णय की सराहना की और उसे व्यवहारिक बताया।
सर्वसम्मति से समर्थन
बैठक के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए अतिक्रमण हटाने तथा विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए समर्थन व्यक्त किया। वही एक प्रश्न खड़ा होता है की बगैर नगर पालिका की जानकारी तथा तहसीलदार साहब तथा पटवारी की जानकारी के के बिना ही गुनिया नदी पर कब्जे हुए हैं या फिर गांधी जी की चमक के कारण जिससे जिन आम लोगों ने दुनिया नदी के आसपास मकान बनाए हैं उनको हटाना चाहिए हम समर्थन करते हैं लेकिन हो सकता है उन लोगों ने किसी को पैसे दिए हो जब अतिक्रमण करने की मंजूरी मौखिक रूप से दी गई हो इसके लिए श्रीमान कलेक्टर महोदय को एक नंबर जनता बीच रखना चाहिए जिससे जिन लोगों ने गुनिया नदी के नजदीक मकान बनाए हैं वह बता सके की किन-किन लोगों ने अतिक्रमण करने में मदद की है क्योंकि कई लोग ऐसे भी हैं जो गरीबी में अपना घर चला रहे हैं और बच्चों को पढ़ लिखा रहे हैं घर से सक्षम नहीं है प्लांट नहीं ले सकते जिससे वह गलतफहमी के शिकार हो जाते हैं और बड़ी-बड़ी घटनाएं जब सामने आती है तब आंख खुलती है वही अगर उनको पहले ही अतिक्रमण करने से रोका गया होता तो आज यह नौबत नहीं होती श्रीमान कलेक्टर महोदय के अतिक्रमण हटाने वाले फैसले के बाद अब कोई अतिक्रमण तो नहीं करेगा लेकिन फिर कोई करने वाला भी अतिक्रमण करने की नहीं सोचेगा जिंससे आगे उन लोगों को उन अधिकारियों को यह सीख बने की कानून से हटके कार्य नहीं करने चाहिए
