Reported By : Laxman Raikvar
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में समय से नही आते डाक्टर मरीज होते रहे परेशान, अनेक कमियां भी आई नजर :
तेंदूखेड़ा----नगर तेंदूखेड़ा के सरकारी अस्पताल में हमेशा से ही लापरवाहीया सामने नजर आती रही है है जिससे मरीजो को बहुत दिक्कत होनी लाजमी है।जब से नए खण्ड चिकित्सा अधिकारी आये है जब स्थिति और भी भयाभय हो चुकी है।तेंदूखेड़ा अस्प्ताल में लगभग100से अधिक गावो के मरीज इलाज कराने आते हैं ,इसलिये इलाज की ब्यवस्थाये भरपूर होनी चाहिए लेकिन तेंदूखेड़ा अस्प्ताल में सारी इकाइयों लापरवाही की शिकार बनी हुई है।
ड्यूटी डाक्टर समय से नही आते---आज लगभग सवा दस बजे तक ड्यूटी डाक्टर ओपीडी में नही आये थे और मरीजो को लाइन लगी हुई थी लगभग50 मरीजों की लंबी कतार देखने को मिली थी।जिसमे कई बुजुर्ग नवजात शिशु, गर्भवती महिलाये, लम्बी बीमारी के मरीज, गम्भीर बीमारियों से ग्रसित थे और ये ग्रामिनां अंचलो से आये हुए थे लेकिन जब वे पर्ची कटवा कर पांच नम्बर कमरे(डाक्टर रूम)में गए तो देखा कि डॉक्टर महोदय तो अभी आये नही है।पूछने पर महिला कर्मचारी ने बताया है कि वे जनलपुर से आते हैं अभी टाइम लगेगा।वही खण्ड चिकित्सा अधिकारी के पास जाकर इलाज करवाना चाहा तो पता चला कि वे भी दमोह की ओर से आते हैं अभी नही आये हैं।अस्प्ताल में करीब आधा दर्जन योग्य डॉक्टरों की नियुक्ति है लेकिन ड्यूटी पर कोई नही था।
आउट सोर्स का कर्मचारी दबाई कर रहा है बितरण--तेंदूखेड़ा अस्प्ताल में फार्मशिष्ठ के पद पर अवस्थी की नियुक्ति है लेकिन वे दवाइयों के वितरण पर ध्यान नही देते हैं।उनकी जगह पर आउट सोर्स कर्मचारी भगीरथ पटेल दवाइयों का बितरण करता है।इसके द्वारा आये दिन दवाइयों का वितरण किया जाता है।जबकि अस्प्ताल में पहले से फार्मशिष्ठ मौजूद हैं लेकिन उसके द्वारा दवाइया नही बाटी जाती है क्योंकि खण्ड चिकित्सा अधिकारी के द्वारा फार्मशिष्ठ को रोगी कल्याण समिति का अतिरिक्त प्रभार दे दिया है इसलिये वे आर्थिक लेन देन बिल वाउचर आदि पर ज्यादा ध्यान देने लगे हैं जबकि अस्प्ताल में पर्याप्त स्टाफ है रोगी कल्याण समिति का कार्य भार सोपने हेतु लेकिन खण्ड चिकित्सा अधिकारी अशोक बरोनिया की मनमानी से मरीजो की जॉन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
नही रहता ड्यूटी चार्ट अपडेट-तेंदूखेड़ा अस्प्ताल में एक ड्यूटी चार्ट(बोर्ड)लगा हुआ है जिसमे रोज ड्यूटी डाक्टर, नर्स, इमरजेंसी स्टाफ, वाटर मैंन,एवं अन्य स्टाफ के नाम और नम्बर लिखे रहते हैं जिससे अगर मरीज किसी से बात करना चाहे तो सम्बन्धित को फोन लगाकर बात कर सकता है।लेकिन तेंदूखेड़ा में ऐसा नही है।आज बोर्ड को देखा तो उस पर दिनाक29/7/25की जानकारी लिखी थी जिसे खण्ड चिकित्सा अधिकारी की लापरवाही सामने आती है।
पैथोलॉजी नही खुलती समय पर--तेंदूखेड़ा अस्प्ताल खुलने का समय सुबह नो बजे का रहता है डॉक्टर भी नो बजे इलाज शुरू कर देते हैं कुछ मरीजो की बीमारियों का पता लगाने के लिये डॉक्टर उनकी खून ,थूक,यूरिन जैसी अनेक जांचों डॉक्टरों के द्वारा करवाई जाती है जो अस्प्ताल में निशुल्क होती है मगर अस्प्ताल में स्थित पैथोलॉजी कभी भी नो बजे नही खुलती है मरीजो ने बताया हैं यह लेब11 बजे के बाद खुलती है 11 बजे तक मरीज बिना इलाज के लेब खुलने का इंतजार करता रहता है।जब तक जाचे रिपोर्ट नही आती सामने तब तक उनकी बीमारी का इलाज नही करते डाक्टर।
साफ सफाई का नही देते ध्यान
तेंदूखेड़ा अस्प्ताल में अब पहले के जैसे साफ सफाई नही होती है।जगह जगह मेडिकल दवाईओ के पर्चे एवम कवर डाले होते हैं।फर्श पर पोछा पर्याप्त नही लगता है फर्श चिप चिप करता रहता है।जगह जगह पान गुटखा तम्बाकू के थूकने के निशान मौजूद हैं ।जिससे अस्प्ताल में मख्खी मच्छर भिनभिनाते रहते हैं।दीवारों पर लिखा है कि पान गुटखा खाने पर200रुपये का जुर्माना लगेगा लेकिन अभी तक किसी को कोई सजा नही मिलो।क्योकि अस्प्ताल के कर्मचारी खुद पान गुटखा का सेवन करते हैं।
बी एम ओ अशोक बरोनिया को फोन लगाया तो उन्होंने फोन नही उठाया

