एमसीबी (छ.ग.)
रिपोर्ट - मनीराम सोनी
एमसीबी 26 अगस्त 2025/कार्यालय उप संचालक कृषि मनेन्द्रगढ़ द्वारा खरीफ सीजन के दौरान किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले उर्वरक समय पर और उचित दर पर उपलब्ध कराने की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय निरीक्षण दल ने 25 अगस्त 2025 को जिले के विभिन्न निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण अभियान का नेतृत्व कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार किया गया, जिसमें विशेष रूप से किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए सभी आवश्यक पहलुओं की बारीकी से जांच की गई।निरीक्षण के दौरान दल ने उर्वरक भंडारण की स्थिति, विक्रय पद्धति, निर्धारित दरों का पालन, बिक्री रजिस्टर का संधारण, स्टॉक की उपलब्धता तथा गुणवत्ता मानकों की गहनता से जांच की। यह सुनिश्चित किया गया कि किसानों को न तो किसी प्रकार की कमी का सामना करना पड़े और न ही उन्हें अधिक मूल्य चुकाना पड़े। निरीक्षण दल ने पाया कि अधिकांश प्रतिष्ठानों में व्यवस्थाएं ठीक थीं, किंतु अग्रहरी कृषि सेवा केन्द्र नागपुर और नारायण अग्रवाल बरबसपुर में कई अनियमितताएं उजागर हुईं। इन अनियमितताओं में निर्धारित दर से अधिक पर विक्रय और रजिस्टर संधारण में गड़बड़ियां प्रमुख रहीं। इस पर दोनों प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया तथा भविष्य में इस तरह की गतिविधियां दोहराए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई।उप संचालक कृषि इन्द्रासन पैकरा ने स्पष्ट किया कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना और समय पर उसका पारदर्शी वितरण कराना कृषि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसान हमारी कृषि व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी सुरक्षा तथा सुविधा के लिए समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाए जाते हैं। उन्होंने जिले के सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वे निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें, मुनाफाखोरी और अवैध भंडारण जैसी गतिविधियों से दूर रहें, अन्यथा दोषी पाए जाने पर किसी भी स्थिति में वैधानिक कार्रवाई से छूट नहीं दी जाएगी।
इस निरीक्षण अभियान के दौरान दल में उप संचालक कृषि इन्द्रासन पैकरा के साथ अनुविभागीय कृषि अधिकारी धर्मेन्द्र कुमार कुर्रे, सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी महेश पैकरा तथा उर्वरक निरीक्षक भी मौजूद रहे। कृषि विभाग की इस सक्रिय पहल से जिले के किसानों में विश्वास और संतोष की भावना प्रबल हुई है तथा यह सुनिश्चित हुआ है कि आगामी खरीफ सीजन में उन्हें उच्च गुणवत्ता युक्त उर्वरक सहजता और समय पर उपलब्ध होगा।
