रिपोर्टर: नेम सिंह चौहान
रायसेन: बाड़ी के बड़ोदिया कला स्कूल में खौफ के साए में भविष्य! जर्जर भवन में लग रही क्लास, बाउंड्री वॉल गायब, सटा हुआ है गंदा नाला
सरकार भले ही सरकारी स्कूलों की कायाकल्प करने और बेहतर अधोसंरचना के दावे करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट बेहद डरावनी है। रायसेन जिले के बाड़ी विकासखंड अंतर्गत ग्राम बड़ोदिया कला से लापरवाही की एक ऐसी ही पराकाष्ठा सामने आई है। यहाँ के शासकीय माध्यमिक शाला का जब न्यूज़ नेशन 81 द्वारा औचक निरीक्षण किया गया, तो विद्यालय परिसर किसी बड़े हादसे को आमंत्रण देता हुआ नज़र आया।
जर्जर भवन में बैठने को मजबूर नौनिहाल, हैंडपंप पर गंदगी का अंबार
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि स्कूल की इमारत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। दीवारों और छतों की हालत इतनी खराब है कि बच्चों और शिक्षकों को हर वक्त हादसे का डर सताता है, लेकिन इसी खतरनाक परिसर में रोज़ कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। वहीं, बच्चों के स्वास्थ्य के साथ भी सीधा खिलवाड़ हो रहा है; परिसर में स्थित हैंडपंप के आसपास भयंकर गंदगी फैली हुई है, जिससे बच्चों को दूषित पानी पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
बाउंड्री वॉल न होने से मवेशियों का डेरा, सटा हुआ है गंदा नाला
स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था शून्य है क्योंकि परिसर में कोई बाउंड्री वॉल (उंद्री बाल) नहीं बनाई गई है। स्कूल से बिल्कुल सटा हुआ गांव का एक गंदा नाला बह रहा है। बाउंड्री न होने के कारण नाले के आसपास घूमने वाले गांव के मवेशी (मधेसी) सीधे स्कूल परिसर में दाखिल हो जाते हैं। इससे न केवल परिसर में गंदगी फैलती है, बल्कि छोटे बच्चों पर मवेशियों द्वारा हमला किए जाने या बच्चों के नाले में गिरने का गंभीर खतरा चौबीसों घंटे बना रहता है।
जिम्मेदारी से भाग रहा प्रशासन
ग्रामीणों का कहना है कि इस बदहाली को लेकर कई बार स्थानीय स्तर पर शिकायतें की गईं, लेकिन शिक्षा विभाग और बाड़ी जनपद प्रशासन ने इस ओर कभी ध्यान नहीं दिया। क्या प्रशासन को किसी बड़ी अनहोनी का इंतज़ार है? न्यूज़ नेशन 81 जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों से मांग करता है कि मासूम बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए बड़ोदिया कला स्कूल के नए भवन, बाउंड्री वॉल और साफ-सफाई की व्यवस्था तत्काल युद्धस्तर पर सुनिश्चित की जाए।


