कवर्धा। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और आवासविहीन परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। हालांकि कबीरधाम जिले के जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा अंतर्गत ग्राम पंचायत भेंडरा के आश्रित ग्राम बोटेसुर से सामने आए आरोपों ने योजना के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि कई हितग्राहियों के नाम पर आवास निर्माण की राशि जारी और आहरित कर ली गई, जबकि जमीनी स्तर पर उनके मकान आज भी अधूरे हैं या निर्माण शुरू ही नहीं हुआ।
ग्रामीणों के अनुसार मिलापा पति तीजउ तथा दशरु पिता शेखू समेत अन्य लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृति मिली थी, लेकिन उनके मकानों का निर्माण नहीं हो सका। आरोप यह भी है कि निर्माण कार्य की प्रगति दर्शाने के लिए कुछ हितग्राहियों की तस्वीरें उनके वास्तविक निर्माण स्थल की बजाय अन्य लोगों के बने मकानों के सामने खींचकर पोर्टल पर अपलोड की गईं, जिससे
