जिला यूनेस्को एसोसिएशन एवं उषा सिलाई प्रशिक्षण केंद्र के संयुक्त तत्वाधान में "मदर्स डे" मनाया गया। इस अवसर पर सात महिलाओं को "मातृशक्ति सम्मान" से नवाजा गया। समान समारोह से पूर्व मातृशक्ति पर एक व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्टेट फेडरेशन ऑफ यूनेस्को एसोसिएशन इन राजस्थान के प्रदेश संयोजक गोपाल लाल माली ने कहां कि जिस घर में मां मुस्कुराती है तो वहां खुशियां खुद रास्ता पूछ कर आती है। मां केवल एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि हमारे जीवन की सबसे बड़ी शक्ति और प्रेरणा होती है। कहते हैं की मां ईश्वर का रूप होती है। यह बात बिल्कुल सच है क्योंकि मां हमारे जीवन का आधार है।
एक मां ही होती है जो बिना किसी स्वार्थ के दिन रात हमारी देखभाल करती है। वह हमारी छोटी-छोटी खुशियों के लिए अपनी बड़ी-बड़ी इच्छाओं को भी त्याग देती है।जब हम गिरते हैं, तो वही मां हमें उठाती हैं और आगे बढ़ने की हिम्मत देती है। मां हमारी पहली गुरु और सबसे सच्ची दोस्त होती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला यूनेस्को एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित अग्रवाल ने की वही कार्यक्रम का संचालन जिला यूनेस्को की प्रवक्ता मधु लोढ़ा ने किया। इस अवसर पर उषा सिलाई प्रशिक्षण केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त एक विशेष महिला गायत्री सैनी को सिलाई मशीन भेट की गई। मातृशक्ति सम्मान समारोह में श्रेया बापना, प्रीति शिंगावत, हेमलता सिंह, सुनीता चौहान,ममता अग्रवाल, अनुपमा शर्मा, उषा अग्रवाल व पुष्पा सुराणा को जिला यूनेस्को एसोसिएशन की ओर से प्रशस्तिपत्र और शॉल ओढ़ाकर "मातृ शक्ति सम्मान" से नवाजा गया।
कार्यक्रम में आए हुए सभी अतिथियों व आगुंतकों का सम्मान व आभार जिला यूनेस्को एसोसिएशन के सचिव जगदीशचंद्र मूंदडा ने किया। इस अवसर पर जिला यूनेस्को के संगठन सचिव रामचंद्र मूंदड़ा, वरिष्ठ सदस्य विद्यासागर सुराणा,अनीता खाब्या, सुनीता चौहान व सोनिया सहित यूनेस्को के कई सदस्य व मातृशक्ति उपस्थित थीं।
