उत्तर प्रदेश के अमरोहा स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय में सोमवार को अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अस्पताल के महिला और पुरुष नर्सिंग स्टाफ ने भाग लिया। इस दौरान मरीजों की सेवा, जिम्मेदारी और पेशेवर नैतिकता को लेकर चर्चा की गई।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, नर्सिंग दिवस आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक मानी जाने वाली फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अश्वनी कुमार भंडारी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चरण सिंह, डॉ. शशांक वशिष्ठ और मैट्रन श्रीमती गीता राजपूत ने संयुक्त रूप से की।
कार्यक्रम में नर्सिंग अधिकारियों और कर्मचारियों को शपथ दिलाई गई कि वे अपने कार्य को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करेंगे तथा मरीजों की गोपनीयता बनाए रखेंगे। इसके बाद फ्लोरेंस नाइटिंगेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। समारोह के अंत में केक काटकर नर्सिंग स्टाफ को सम्मानित भी किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अश्वनी कुमार भंडारी ने कहा कि नर्सिंग कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाते हैं और उनके सहयोग के बिना किसी भी मरीज का उपचार संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के बीच बेहतर तालमेल से ही मरीजों को प्रभावी इलाज मिल पाता है।
मैट्रन श्रीमती गीता राजपूत ने नर्सिंग अधिकारियों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी लगन और संवेदनशीलता के साथ करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मरीजों के प्रति मानवीय व्यवहार और अनुशासन नर्सिंग सेवा की सबसे महत्वपूर्ण पहचान है।
कार्यक्रम में अस्पताल के कई वरिष्ठ अधिकारी और नर्सिंग कर्मचारी मौजूद रहे। आयोजन का संचालन नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती कनिष्का अरोरा और श्रीमती शिवानी हिल्लो ने किया। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य नर्सिंग पेशे के महत्व को रेखांकित करना और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाना है।
रिपोर्ट मौ। अज़ीम अमरोहा
