मंडी धनौरा क्षेत्र में गुरुवार शाम आई तेज आंधी-तूफान ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। शाहपुर रझेड़ा गांव के पास उस समय दर्दनाक हादसा हुआ, जब घर लौट रहे एक युवक पर अचानक एक भारी पेड़ गिर पड़ा। गंभीर रूप से घायल युवक ने दो दिन तक जिंदगी के लिए संघर्ष किया, लेकिन आखिरकार अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
मृतक युवक की पहचान शाहपुर रझेड़ा निवासी 24 वर्षीय शारिक मलिक के रूप में हुई है। वह गजरौला स्थित एक कार एजेंसी में मैकेनिक का काम करता था। रोज की तरह गुरुवार शाम को वह अपनी ड्यूटी खत्म कर बाइक से घर लौट रहा था। जैसे ही वह कमेलपुर रोड के पास पहुंचा, अचानक तेज हवाओं के साथ आए तूफान ने एक बड़े पेड़ को जड़ से उखाड़ दिया, जो सीधे उसकी बाइक पर आ गिरा।
हादसा इतना भयानक था कि शारिक मलबे के नीचे दब गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने तुरंत उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) धनौरा पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया। मेरठ के एक अस्पताल में दो दिन तक उसका इलाज चला, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद शनिवार सुबह वह जिंदगी की जंग हार गया।
शारिक अपने परिवार में सबसे छोटा था। उसके दो भाई और एक बहन हैं। बेटे की असमय मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि आखिर इस हादसे का जिम्मेदार कौन है।
इस दौरान एक और दुखद पहलू सामने आया। उसी समय पास से गुजर रहे एक अन्य बाइक सवार परिवार—पालनपुर निवासी फौजी प्रदीप, उनकी मां सुशीला देवी और उनका पुत्र—भी पेड़ की चपेट में आकर घायल हो गए। तीनों को भी मेरठ में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जहां अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
गांव वालों का कहना है कि सड़क किनारे लगे जर्जर और पुराने पेड़ों की समय-समय पर देखभाल नहीं की जाती, जिसके कारण ऐसे हादसे होते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
रिपोर्ट मौ। अज़ीम अमरोहा
