*कल्वर्ट पुलिया निर्माण में लाखों की सामग्री खरीदी संदिग्ध, नर्मदा रेत उपयोग के बावजूद बिलों में सफेद रेत दर्शाने का आरोप*
लखनादौन जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बिछुआ लौंदा एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही है। इस बार मामला करवट पुलिया निर्माण कार्य में सीमेंट एवं निर्माण सामग्री खरीदी में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि ग्राम पंचायत द्वारा एक ही निर्माण कार्य के लिए अलग-अलग दरों पर सीमेंट खरीदी कर शासन राशि में गड़बड़ी की जा रही है। मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बिछुआ लौंदा के अंतर्गत ग्राम नौगांव खुर्द में करवट पुलिया निर्माण कार्य कराया जा रहा है। निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही सामग्री की खरीदी को लेकर अब गंभीर आरोप सामने आए हैं। दस्तावेजों के अनुसार ग्राम पंचायत द्वारा दिनांक 20 जून 2026 को पटेल ट्रेडर्स के नाम से लगभग 3 लाख 59 हजार रुपये का बिल जारी किया गया, जिसमें 325 बैग सीमेंट खरीदी दर्शाई गई है। इस बिल में प्रति बैग सीमेंट की कीमत लगभग 400 रुपये बताई गई है।
वहीं दूसरी ओर इसी निर्माण कार्य के लिए गोटेगांव स्थित पुरोहित ट्रेडर्स से भी सीमेंट खरीदी गई, जहां 500 बैग सीमेंट मात्र 320 रुपये प्रति बैग के हिसाब से खरीदी दर्शाई गई है। अब सवाल यह उठ रहा है कि एक ही निर्माण कार्य में सीमेंट की कीमतों में इतना बड़ा अंतर आखिर क्यों है। यदि बाजार में सीमेंट कम कीमत पर उपलब्ध थी, तो पंचायत द्वारा अधिक दर पर खरीदी क्यों की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अंतर के माध्यम से शासन राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो लाखों रुपये के वित्तीय अनियमितता सामने आ सकती है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत द्वारा निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही सामग्री के बिलों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार निर्माण कार्य में नर्मदा नदी से लाई गई रेत का उपयोग किया गया है, लेकिन किसी भी बिल या दस्तावेज में नर्मदा रेत का उल्लेख नहीं किया गया। आरोप है कि सभी बिलों में सफेद रेत के नाम पर भुगतान दर्शाया गया है। इससे यह आशंका और गहरा गई है कि निर्माण सामग्री खरीदी में बड़े स्तर पर हेराफेरी की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर लगातार शिकायतें सामने आने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। जनपद पंचायत और संबंधित विभाग के अधिकारी पूरे मामले में मौन बने हुए हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो शासन की राशि का दुरुपयोग लगातार जारी रहेगा।
अब देखना यह होगा कि लखनादौन जनपद पंचायत एवं जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और निर्माण कार्य में हुई कथित अनियमितताओं की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करते हैं या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।
मुकेश साहू
