औरैया स्थित यश प्लाजा में “भारत में बौद्ध धर्म का विस्तार कैसे किया जाए” विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बहुजन समाज के महापुरुषों के विचारों को मानने वाले बुद्धिजीवी एवं समाजसेवी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
गोष्ठी के मुख्य अतिथि मुंबई से पधारे भंते विनयाचार्य जी रहे। उन्होंने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि बहुजन समाज सदियों से अनेक कुरीतियों का बोझ ढोता आ रहा है, जिन्हें समाप्त करने की आवश्यकता है। उन्होंने तथागत गौतम बुद्ध एवं बहुजन समाज में जन्मे महापुरुषों के विचारों पर चलने का संदेश देते हुए समाज में जागरूकता और एकता पर बल दिया।
मीडिया से बातचीत के दौरान भंते विनयाचार्य जी ने कहा कि “जो भी न्याय और अधिकारों की लड़ाई लड़ता है, सरकार उसे जेल भेजने का कार्य करती है।” उन्होंने बताया कि वे महाबोधगया मुक्ति आंदोलन के प्रमुख नेतृत्वकर्ताओं में से एक हैं और पूरे देश में भ्रमण कर लोगों से महाबोधगया मुक्ति आंदोलन के समर्थन की अपील कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और संगठन की मजबूती पर भी अपने विचार व्यक्त किए।
*संवाददाता- सुभाष चन्द्र राणा*
