ग्राम पंचायत चोपा में आयोजित मासिक सभा एवं ग्राम सभा विवादों के बीच अधूरी रह गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार मासिक सभा का समय दोपहर 12:00 बजे तथा ग्राम सभा का समय दोपहर 1:00 बजे निर्धारित किया गया था।
ग्राम पंचायत सदस्यों का आरोप है कि ग्राम पंचायत अधिकारी निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं हुए। कार्यालयीन समय सुबह 9:45 बजे होने के बावजूद अधिकारी लगभग दोपहर 12:00 बजे के बाद ग्राम पंचायत पहुंचे, जिससे मासिक सभा में देरी हुई और बैठक लगभग दोपहर 2:00 बजे तक चली। इसके चलते ग्राम सभा को तहकूब करना पड़ा।
बैठक के दौरान ग्राम पंचायत सदस्यों ने ग्राम पंचायत अधिकारी से देरी का कारण पूछा, जिस पर संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने का आरोप लगाया गया। सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत कार्यालय अक्सर बंद रहता है तथा अधिकारी समय पर उपस्थित नहीं होते।
इसी दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी और कुछ सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई। सदस्यों ने ग्राम पंचायत प्रशासक एवं ग्राम पंचायत अधिकारी पर विभिन्न विकास कार्यों में अनियमितता एवं भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। आरोपों के अनुसार ग्राम पंचायत क्षेत्र में नाली निर्माण कार्य बिना एमबी (मेजरमेंट बुक) एवं बिना अधिकृत एस्टीमेट के किए जाने की बात सामने आई है।
बैठक में उपस्थित सदस्यों द्वारा जब संबंधित मुद्दों पर जवाब मांगा गया, तब अधिकारियों द्वारा स्पष्ट उत्तर नहीं दिए गए। आरोप है कि ग्राम पंचायत अधिकारी अपनी कुर्सी छोड़कर बैठक स्थल से चले गए, जिसके कारण न तो मासिक सभा पूरी हो सकी और न ही ग्राम सभा संपन्न हो पाई।
इस मामले में ग्राम पंचायत सरपंच प्रशासक अनीता दुर्गाराज मरसकोल्हे तथा ग्राम पंचायत अधिकारी सुरेश कुमार रहांगडाले पर ग्राम पंचायत सदस्यों ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
अब ग्रामीणों एवं सदस्यों द्वारा संबंधित विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
सऺवाददाता*
मुमताज अली सैयद
