कार्यक्रम में डाइट उपप्राचार्य श्री राजेंद्र कुमार हेड़ा द्वारा जैवविविधता के महत्व पर प्रकाश डाला गया तथा जैवविविधता के संरक्षण पर बल दिया गया। D.El.Edप्रभागाध्याक्ष श्री प्रेमशंकर पालीवाल द्वारा अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जैवविविधता का संरक्षण मनुष्य के अस्तित्व से प्रत्यक्षतः संबंधित है अतः सभी को अपने-अपने स्तर पर जैवविविधता के संरक्षण हेतु सार्थक प्रयास करना चाहिए। E.T प्रभागाध्याक्ष श्री भरतकिशोर चौबीसा द्वारा अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे पर्यावरण को बचाने हेतु जैवविविधता का संरक्षण प्रत्येक कीमत पर किया जाना चाहिए। विश्व जैवविविधता की इसबार वर्ष 2026 की थीम " वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य करना" है। इस थीम को डाइट परिवार एवं प्रशिक्षणार्थियों द्वारा यथार्थ के धरातल पर उतारते हुए डाइट की विभिन्न वाटिकाओं में श्रमदान कर प्लास्टिक एवं अन्य कचरा एकत्र कर स्वच्छता की गई।इस अवसर पर डाइट परिवार के प्राध्यापक श्री भारतभूषण वैष्णव, श्री कृष्णकांत पुरोहित, श्रीमती वीणा चौधरी, डॉक्टर दुर्गेश कुंवर, शारीरिक शिक्षक गोपालाल चौहान, डॉ आशुतोष गुर्जर, डॉ तन्मय पालीवाल उपस्थित रहे।
परेश पंड्या
