राजा जी द्वारा रियासत काल में कुष्ठ रोगियों के लिए दान की गई भूमि, जहां आज भी कुष्ठ रोग से ग्रस्त महतारी निवास कर रही हैं, वहां सागौन, इमली, बरगद और कौहा सहित सैकड़ों पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है।
बताया जा रहा है कि वर्ष 1904 से 2005 तक यह भूमि लीज पर दी गई थी। संस्था के संचालक पी. देवदास (वर्तमान निवास अमेरिका) बताए जा रहे हैं। क्षेत्र में मुरूम खुदाई कर दो तालाब भी बना दिए गए हैं।
इतने गंभीर मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्यवाही आवश्यक है।
दान की भूमि, पर्यावरण और मानवता — तीनों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
