उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि नमाज पढ़नी है, आप शिफ्ट में पढ़िए. प्यार से मानेंगे ठीक है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे. नमाज पढ़नी है, आप शिफ्ट में पढ़िए. सड़क पर नहीं होगी नमाज, श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज और साध्वी इंदुलेखा ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हिंदुओं के गौरव में और वह शांति बनाना जानते हैं, उनके कथन का सभी संत समाज समर्थन करता है ,उन्होंने कहा कि नमाज को एक साथ नहीं पढ़ना चाहिए क्योंकि अल्लाह कहीं जाने वाले नहीं हैं,नमाज को सुबह ,दोपहर ,शाम भी अदा कर सकते हैं, इसमें अल्लाह बुरा नहीं मानेंगे और पुलिस को ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में भी सहूलियत होगी ,क्योंकि यदि एक साथ नमाज पढ़ोगे तो मस्जिद में इतनी जगह नहीं होती, हिंदू वादी अश्विनी शर्मा ने कहा कि उनकी जनसंख्या लगातार बढ़ती जा रही है ,तो नमाज को अपने हिसाब से कई
शिफ्टों में भी अदा कर सकते हैं। यदि मुख्यमंत्री जी की बात नहीं मानेंगे तो उनके पास कई ऐसे रास्ते हैं जो आपको सुगमता से नमाज अदा करवा देंगे, एक साथ नमाज पढ़ने के कारण बरेली में दंगा फैलने की स्थिति बन गई थी ,इसलिए सरकार की जिम्मेदारी है की प्रदेश में शांति कायम रहे, भाईचारा कायम रहे,इस वजह से कोई भी अशांति की स्थिति पैदा ना हो और उन्होंने कहा जो लोग उपद्रव करने का प्रयास करते हैं उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए