खरगोन जिले से संवाददाता अजीज सूफी
खरगोन, 21 मार्च 2026/, कसरावद विधायक सचिन सुभाष यादव ने मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग को पत्र लिखकर ग्राम बोथु के साथ-साथ ग्राम रेहमतपुर को भी पर्यटन ग्राम योजना में शामिल करने का आग्रह किया है। उन्होंने ग्राम पंचायत डोंगरगांव अंतर्गत आने वाले ग्राम रेहमतपुर को पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत संभावनाशील बताते हुए इस दिशा में आवश्यक पहल करने की मांग की है।
विधायक श्री यादव ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि ग्राम बोथु के अधिकांश ग्रामणों की कृषि भूमि समीपस्थ ग्राम रेहमतपुर में स्थित है। ग्राम रेहमतपुर पवित्र नर्मदा नदी के किनारे बसा हुआ प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुंदर ग्राम है। यहां का प्राकृतिक वातावरण, ग्रामीण जीवनशैली, धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां पर्यटन के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन सकती हैं।
पर्यटन से बढ़ेगा रोजगार और मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
श्री यादव ने कहा कि यदि ग्राम बोथु के साथ ग्राम रेहमतपुर को भी पर्यटन ग्राम योजना में शामिल कर यहां होमस्टे जैसी सुविधाओं का विकास किया जाता है, तो इससे क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।
महेश्वर से आगे बढ़ा ग्रामीण पर्यटन का दायरा
उन्होंने बताया कि कसरावद क्षेत्र में पहले पर्यटन का केंद्र केवल महेश्वर ही माना जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में एक सुनियोजित विजन के तहत नर्मदा के दक्षिणी तट पर ग्रामीण पर्यटन को विकसित किया गया है। इसी उद्देश्य से ग्राम बोथु में “शिवा रेवा फार्म स्टे” की स्थापना की गई, जो वर्तमान में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड में पंजीकृत है और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।
गांव-गांव में विकसित हो रहे होमस्टे मॉडल
इस पहल के अंतर्गत ग्राम बोथु में, जहां पहले कृषि ही आजीविका का एकमात्र साधन था, अब पर्यटन बोर्ड की सहायता से लगभग 50 होमस्टे का निर्माण किया गया है, जिनमें से कई संचालित हो रहे हैं तथा कुछ निर्माणाधीन हैं। छोटे से गांव में 5-7 होमस्टे और एक फार्म स्टे पहले से ही संचालित हो रहे हैं। इसी प्रकार नावड़ाटोड़ी सहित आसपास के गांवों में भी 4-5 होमस्टे विकसित किए जा चुके हैं, जो पर्यटकों को ग्रामीण जीवन का वास्तविक अनुभव प्रदान कर रहे हैं।
रेहमतपुर को जोड़ने से मिलेगा और विस्तार - पर्यटकों को मिल रहा है अनूठा ग्रामीण अनुभव
श्री यादव ने कहा कि ग्राम बोथु और रेहमतपुर दोनों एक ही क्षेत्र (टोले) में आते हैं और डोगर गांव पंचायत के अंतर्गत हैं। इसलिए रेहमतपुर को भी इस योजना से जोड़ना स्वाभाविक और आवश्यक है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की विभिन्न योजनाओं ग्राम स्टे, फार्म स्टे, होमस्टे और अन्य श्रेणियों के अंतर्गत पर्यटक गांवों में ठहरकर ग्रामीण जीवनशैली, स्थानीय भोजन, खेती-किसानी और स्वच्छ प्राकृतिक वातावरण का अनुभव ले रहे हैं। यह क्षेत्र पहले ही बर्ड वॉचिंग, रिवर ट्रेल वॉक और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध हो रहा है। ऐसे में ग्राम रेहमतपुर को पर्यटन ग्राम योजना में शामिल करने से इस पूरे क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी और ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
