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अंजन हिल कोयला खदान परियोजना की जन सुनवाई संपन्न,स्थानीय प्रतिनिधियों ने जताया समर्थन: NN81

 


388.261 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित परियोजना, निजी भूमि अधिग्रहण नहीं होगा — एसईसीएल महाप्रबंधक

एमसीबी (छ.ग.)    रिपोर्ट - मनीराम सोनी  

एमसीबी/खड़गवां/चिरमिरी,5 फरवरी 2026। अंजन माइंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दक्षिण-पूर्वी चिरमिरी कोलफील्ड क्षेत्र में प्रस्तावित अंजन हिल कोयला खदान परियोजना के लिए जनसुनवाई गुरुवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह परियोजना कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के चिरमिरी क्षेत्र अंतर्गत लगभग 388.261 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित है। जनसुनवाई का आयोजन ग्राम भुकभुकी, जनपद पंचायत खंडगवां में किया गया, जिसमें प्रशासन और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर अनिल सिदार, पर्यावरण जलवायु संरक्षण अधिकारी शैलेश पिसदा, अनुविभागीय अधिकारी बृजेन्द्र सारथी, सीएसपी दीपिका मिंज, एसईसीएल के महाप्रबंधक अशोक कुमार तथा सब एरिया मैनेजर मनीष सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

जनसुनवाई के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने परियोजना का समर्थन व्यक्त किया। जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रिया मेश्राम ने कहा कि क्षेत्रीय विकास के लिए खदान का खुलना स्वागतयोग्य कदम है। इस अवसर पर महापौर चिरमिरी राम नरेश राय, नगर निगम सभापति संतोष सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष शिवांश जैन, नेता प्रतिपक्ष नगर निगम गायत्री बिरहा एवं वरिष्ठ पत्रकार श्रीकांत शुक्ला भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम नियमानुसार नामित अधिकारियों एवं वैधानिक प्राधिकरणों की उपस्थिति में पारदर्शिता के साथ आयोजित किया गया। कंपनी के अनुसार स्थानीय समुदाय से परियोजना को सकारात्मक समर्थन प्राप्त हुआ, जो परियोजना के प्रति विश्वास को दर्शाता है।

जनसुनवाई में कुछ ग्रामीणों ने निजी भूमि अधिग्रहण को लेकर आशंका जताई। इस पर स्पष्टीकरण देते हुए एसईसीएल के महाप्रबंधक अशोक कुमार ने कहा कि परियोजना के लिए किसी भी निजी भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा तथा पूरा विकास केवल आवंटित लीज क्षेत्र के भीतर ही किया जाएगा।

कंपनी ने बताया कि वह स्थानीय समुदाय के विकास और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य सेवाएं, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन, सुरक्षा उपाय और जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। हाल में किए गए सामुदायिक कार्यों में हुडी जैकेट, स्कूल बैग और डेस्क-बेंच वितरण जैसी पहलें भी शामिल हैं।

कंपनी के अनुसार परियोजना से किसी प्रकार का विस्थापन, पुनर्वास या अतिक्रमण का मुद्दा नहीं जुड़ा है और वनों, जल स्रोतों या वन्यजीवों पर प्रतिकूल प्रभाव की संभावना नहीं है। परियोजना क्षेत्र में कोई ग्राम पंचायत शामिल नहीं है, जिससे आसपास के गांवों पर नकारात्मक असर की आशंका नहीं बताई गई।

स्थानीय व्यापार प्रतिनिधि ओम प्रकाश अग्रवाल ने इसे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण विकास अवसर बताते हुए कहा कि जिम्मेदार और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप खनन से स्थानीय आजीविका और व्यापार दोनों को मजबूती मिलेगी।

जनसुनवाई पूर्ण होने के बाद कंपनी अब वैधानिक और नियामक स्वीकृतियों के अनुरूप परियोजना के अगले चरणों की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी तथा स्थानीय हितधारकों के साथ समन्वय में कार्य करने की बात कही है।

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