नौरोजाबाद// उमरिया
मदनलाल बर्मन की रिपोर्ट
उमरिया एवं डिंडोरी जिलों की घनाघोर पहाड़ियों के मध्य स्थित अमोल खोह, जिसे अमलेश्वर धाम के नाम से जाना जाता है, में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सात दिवसीय धार्मिक आयोजन भव्य रूप से संपन्न हुआ। देश-प्रदेश सहित विभिन्न जिलों एवं ग्रामीण अंचलों के श्रद्धालुओं के सहयोग से श्री विष्णु महायज्ञ एवं संगीतमय श्री विष्णु महापुराण कथा प्रवचन का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम रेवांचल मंडल अमलेश्वर पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 भगत गिरी (बच्चू महाराज) के सानिध्य में संपन्न हुआ। महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान भोलेनाथ एवं माता पार्वती की आकर्षक झांकी सजाई गई तथा संत-भक्तों द्वारा शिव विवाह उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। वेद मंत्रों के विधिवत उच्चारण के साथ आचार्यों ने शिव-विवाह संस्कार संपन्न कराया।
बताया गया कि विगत लगभग 62 वर्षों से यहां निरंतर धार्मिक अनुष्ठान, यज्ञ, पुराण, मानस पाठ, भजन-कीर्तन एवं मेले का आयोजन होता आ रहा है। मान्यता है कि सन् 1979 में पीठाधीश्वर महाराज को स्वप्न में कैलाश गुफा में महादेव, माता पार्वती, श्रीगणेश एवं अष्ट शिष्यों के दर्शन हुए थे, तभी से इस पावन उत्सव की परंपरा प्रारंभ हुई।
महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक, संतों द्वारा रात्रिकालीन जागरण, रामायण पाठ एवं रामलीला का भी आयोजन किया गया। महाराज श्री ने अपने प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को सतमार्ग पर चलने एवं सत्कर्म करने का संदेश दिया।
16 फरवरी की प्रातःकालीन पूजा-अर्चना के पश्चात सभी देवी-देवताओं की विधिवत आराधना कर जवारा विसर्जन लक्ष्मण कुंड में किया गया। तत्पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के समापन पर अमोल खोह में पधारे आचार्य, वैदिक विद्वानों एवं संत-महात्माओं को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
सात दिवसीय इस धार्मिक आयोजन में अमोल सेवक संघ के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। मेले में आए श्रद्धालुओं ने धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मेले का भी आनंद लिया। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्था की जिम्मेदारी थाना नौरोजाबाद के थाना प्रभारी श्री बालेन्द्र शर्मा अपनी टीम एवं उमरिया पुलिस बल के साथ संभाले रहे, जिनकी व्यवस्था सराहनीय रही।
इस प्रकार श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में सात दिवसीय श्री विष्णु महायज्ञ एवं महापुराण कथा का सफल समापन हुआ
