इकलेरा के सरपंच पर अभद्रता मारपीट और जान से मारने की धमकी के आरोप की निष्पक्ष जांच व पत्रकारों की सुरक्षा की मांग ।
राजगढ़ - नरसिंहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत इकलेरा में तीन यूट्यूबरों के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मामला सोशल मिडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें इकलेरा के सरपंच श्रवण कुमार युट्यूबरो को सारेआम कानुन हाथ में लेकर युटयुबरों को पीटते दिखाई दे रहे हैं वहीं इसी गांव के नवदुनिया प्रतिनिधि संजय सिंह के घर में भी कुछ अज्ञात लोगों द्वारा मारपीट व तोड़फोड़ करने की घटना सामना आई है जिसको लेकर संजय सिंह ने थाने में आवेदन दिया है बुधवार को राजगढ़ जिला मुख्यालय पर इस संबंध में सहयोगी पत्रकार संगठन जिला राजगढ़ (म.प्र.) द्वारा जिला कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
जिले में फर्जी पत्रकारों की मान्यता और कार्यशैली की भी हो जांच ,,
गौरतलब है कि सहयोगी पत्रकार संगठन द्वारा ज्ञापन देने का उद्देश्य पत्रकारों की सुरक्षा व भविष्य में कभी भी किसी निष्पक्ष और सच्चे पत्रकार पर कोई हमला न हों , और क्षेत्र में कवरेज के दौरान वह सुरक्षित रहे, इसी उद्देश्य से ज्ञापन दिया गया,
ज्ञापन के माध्यम से राजगढ़ कलेक्टर से आग्रह किया गया है कि जिले में अगर कोई व्यक्ति पत्रकारिता की आड़ मेंब्लैकमेलिंग या अन्य अवैध काम करता पाया जाता है तो उनकी भी जांच हो और उन पर भी कार्रवाई हो, वहीं जिस प्रकार सरपंच श्रवणकुमार ने युटयुबरों को पीटा है वह गलत है इसमें कौन दोषी है कौन निर्दोष है,इसकी भी निष्पक्ष जांच हो और दोषी पर कार्रवाई हो
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि दिनांक 23 फरवरी 2026 को दोपहर लगभग 2 बजे ग्राम इकलेरा में सरपंच श्रवण पाटीदार द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर बीच बाजार एवं अन्य स्थानों पर यूट्यूबरों के साथ मारपीट की गई तथा उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई इस घटना से कहीं ना कहीं निष्पक्ष रूप से पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त है पत्रकारों का कहना है कि वे ग्राम पंचायत से जुड़े विकास कार्यों एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान उनके साथ यह घटना घटित हुई, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी सरपंच के खिलाफ वैधानिक धाराओं में मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित पत्रकारों को सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है।
पत्रकार संगठन ने विश्वास जताया है कि जिला प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
राजगढ़ से पवन अहिरवाल की रिपोर्ट
