नारायणपुर /छोटेडोंगर- नारायणपुर जिले के आमदई माइंस में भारी वाहनों की आवाजही से नारायणपुर ओरछा मार्ग की हालत काफी दयनिय हो गई है ,,सड़क पर बड़े-बड़े गड्डो की वजह से आम राहगीरों का जीना दुभर हो गया है ,पिछले कई सालों से ग्रामीणों द्वारा बदहाल सड़क को लेकर लगातार आंदोलन किया जा रहा है शासन प्रशासन द्वारा नारायणपुर ओरछा मार्ग की स्वीकृति देने के बाद भी सड़क निर्माण में हो रही देरी को लेकर ग्रामीणों ने आक्रोश है,, ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर शासन के द्वारा स्वीकृति प्रदान करने के बावजूद भी सड़क निर्माण को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है,, सड़क निर्माण में हो रही लेट लतीफी को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने एक बार फिर मोर्चा खोलते हुए छोटे डोंगर के हाई स्कूल के सामने मुख्य सड़क पर माइंस की वाहनों को रोककर आज चक्का जाम कर दिया इस दौरान छोटे डोंगर की मुख्य सड़क पर माइंस की सैकड़ो वाहनों की लंबी कतारे लग गई। ग्रामीणों द्वारा मुख्य मार्ग पर चक्का जाम करने की सूचना मिलते ही मौके पर छोटेडोंगर पुलिस और निको प्रबंधन पहुंची। इस दौरान काफी देर तक ग्रामीण और निको प्रबंधन के बीच बदहाल सड़क को लेकर वाद विवाद होती रही ,,
आखिर कार ग्रामीणों के आगे आंदोलन के आगे निकों प्रबंधक चुकी और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि आने वाले 20 दिनों के अंदर छोटेडोंगर में सड़क मरम्मत का कार्य निको कंपनी के द्वारा प्राथमिकता के साथ किया जाएगा इसके बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त किया। आपको बता दें कि नारायणपुर जिले के छोटे डोंगर क्षेत्र में स्थित माइंस में लोग आयस्क का भंडार मौजूद है और यहां पर निको कंपनी द्वारा लौहअयस्क का खनन किया जा रहा है ,,नारायणपुर ओरछा मार्ग में लौह अयस्क परिवहन में सैकड़ो वाहनों की आवाजाही लगी रहती है जिसके कारण सड़क काफी जर्जर हो गई है ,,बदहाल सड़क को लेकर ग्रामीणो और स्कूलों बच्चों का जीना दुभर हो गया है ,,बदहाल सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा कई बार सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन किया गया है। बावजूद इसके पिछले तीन सालों से ग्रामीणों को शासन प्रशासन द्वारा केवल सड़क निर्माण का आश्वासन दिया जा रहा है इससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।
संवाददाता खुमेश यादव
