न्यूज़ रिपोर्टर देवकरण माली
‘हर तरफ है द्वेष, दीवारें गिरायेगा कौन’
भीलवाड़ा = जिला साहित्यकार परिषद् द्वारा स्थानीय सिन्द्दु नगर स्थित हेमू कालानी सिन्धी शिक्षण संस्था भवन में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता दयाराम मेठानी ने की, जबकि संचालन महेन्द्र शर्मा ने किया।
गोष्ठी का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ। इस अवसर पर कवियों ने विविध विषयों पर रचनाएं प्रस्तुत कीं, हालांकि अधिकांश रचनाएं भोले शंकर एवं महाशिवरात्रि पर केंद्रित रहीं। इसके अलावा वेलेंटाइन डे सहित अन्य समसामयिक विषयों पर भी रचनाएं सुनाई गईं।
कार्यक्रम में कवि रामप्रसाद ने “जब तक तन में प्राण रहेंगे वंदे मातरम् गाऊंगा”, मनोहरलाल कुमावत ने “शिव चरणों में सुरक्षित है यह पूरा संसार”, ओम उज्जवल ने “मिल गये हैं बाबा डमरू वाले”, दीपिका शर्मा ने “उसी की है ये कश्ती उसी का ये किनारा है”, शिखा बाहेती ने “अज्ञानता के अंधेरों से ज्ञान के उजालों तक सफर तय किया है मैंने” तथा गायत्री सरगम ने “यूं बर्बाद न रात करो तुम दिलबर, दिल की बात करो तुम” प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं।
राजेश मित्तल ने “जिनका जितना शब्दकोश है उतने ही परिभाषित राम”, बंसीलाल पारस ने “प्यार है बसंती बयार”, डॉ. अवधेश जौहरी ने “टूटे दिलों को जोड़िये नफरत घटाइये”, दिनेश दीवाना ने “आ भी जाओ प्रिये तुमको सौगंध है” तथा अजीज जख्मी ने “चांद निकला तो तारे नजर नहीं आए” सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
अध्यक्षीय काव्य पाठ में दयाराम मेठानी ने “हर तरफ है द्वेष, दीवारें गिरायेगा कौन” प्रस्तुत कर समरसता और प्रेम का संदेश दिया।
इसके अलावा महेन्द्र शर्मा, राजेन्द्र पोरवाल, श्याम सुंदर मधुप, श्रीमती शशि ओझा ने महाशिवरात्रि पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं, वहीं गोपाल शर्मा, देवीलाल दुलारा व दीक्षा शर्मा ने अन्य विषयों पर सशक्त काव्य पाठ कर कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की।
गोष्ठी में उपस्थित श्रोताओं ने सभी कवियों का उत्साहवर्धन करते हुए तालियों के साथ सराहना की।
