एमसीबी /शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेंद्रगढ़ में अंग्रेजी विभाग, कम्प्युटर विभाग एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय बहुविषयी राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारम्भ सरस्वती देवी, छत्तीसगढ़ महतारी के तैल चित्र एवं विवेकानन्द जी की मूर्ति पर दीप प्रज्ज्वलन एवं मल्यापर्ण के पश्चात् हुआ तत्पश्चात् कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं बैज लगाकर स्वागत किया गया तथा महाविद्यालय की पत्रिका विवेक सुधा का अतिथियों को सह-सम्मान उपहार स्वरूप भेंट किया गया। कार्यशाला के तकनीकी सत्र का प्रारम्भ कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. श्राबनी चक्रवर्ती के उद्बोधन के साथ हुआ जिसमें उन्होंने इस राज्य स्तरीय कार्यशाला के विषय "इफेक्टीव कम्यूनिकेशन स्कील फॉर एकेडमिक एंड प्रोफेशनल ग्रोथ" को अत्यंत प्रासंगिक एवं महत्वूर्ण बताते हुए अकादमिक एवं व्यावसयिक विकास के लिए प्रभावी संचार कौशल हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण है, यह न केवल विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने मे मदद करते है, बल्कि व्यक्तित्व को निखारकर सफलता की गांरटी भी बनाते है। कार्यशाला के विशिष्ट अतिथी रामचरित द्विवेदी ने सम्प्रेषण की उपयोगिता को व्यक्त्वि निर्माण के लिए आवश्यक बताया जो प्रत्येक क्षेत्र चाहे वह व्यावसायिक हो या सेवा, में सफलता की कुंजी है। अगले क्रम में नगरपालिका परिषद् मनेन्द्रगढ़ उपाध्यक्ष श्री धर्मेन्द्र पटवा जी ने भी दैनिक जीवन में प्रभावी सम्प्रेषण को आवश्यक बताते हुए कहा की एक व्यक्ति अपने बात करने के प्रभावी तरीकों से सफलता हासिल कर सकता है। कार्यशाला के तकनीकी सत्र की आगे की श्रृंखला में विशिष्ट वक्ता शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रामकिकंर पाण्डेय ने अपने व्यक्तव्य का प्रारम्भ रॉबर्ट फ्रॉस्ट एवं हरिवंशराय बच्चन द्वारा लिखित पंक्तियों से की तथा प्रभावी सम्प्रेषण को व्यक्तित्व निर्माण एवं प्रशासनिक विकास के लिए आवश्यक बताते हुए इस कार्यशाला को महाविद्यालय की उपलब्धियों में नया अध्याय का समावेश बताया। कार्यशाला में आमंत्रित मुख्य वक्ता डॉ. रविशंकर पनिकर ने प्रभावी ढंग से विषय पर अपने विचार रखते हुए विभिन्न गतिविधियों वीडियों, ऑडियो क्लिपिंग माध्यम से इन्होंने विद्यार्थियों को अपने व्याख्यान में बांध लिया। महाभारत, रामायण के विभिन्न तथ्यों के साथ प्रभावी संम्प्रेषण की उपयोगिता को सूक्ष्मता से बताते हुए इन्होंने कुशल सम्प्रेषण, लेखन कौशल के उचित ढ़ंगों का उल्लेख करते हुए स्थायी संचार निर्मित करने में प्रभावी संप्रेषण की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया ,जो संचार को स्थायी रूप से निर्मित करने का कार्य करती है। अगले क्रम में कार्यशाला में उपस्थित जिला- एमसीबी. के वरिष्ठ एवं प्रख्यात पत्रकार श्री गोपाल गुप्ता ने ऐसे कार्यक्रमों को महाविद्यालय के विकासयात्रा को समृद्ध करने में उपयोगी बताया। इस एक दिवसीय कार्यशाला में मंच का कुशल संचालन कार्यशाला की सह-समन्वयक स्मृति अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में विशेष तकनीकी सहयोग श्री थनेन्द्र कश्यप एवं अभिषेक कुमार सिंह का रहा। कार्यक्रम के अंत में कार्यशाला की समन्वयक डॉ. अरूणिता दत्ता ने कार्यशाला में उपस्थिति समस्त अतिथियों एवं समस्त महाविद्यालय परिवार के प्रत्यक्ष-परोक्ष सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस कार्यशाला में महाविद्यालय में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. रश्मि तिवारी, डॉ. प्रभा राज के साथ, ग्रन्थपाल शरणजीत कुजूर, रजिस्ट्रार यशवंत सिंह शाक्या, भीमसेन भगत, डॉ. नसीमा बेगम अंसारी सुनील कुमार गुप्ता, कमलेश पटेल, सुशील कुमार छात्रे, अतिथि व्याख्याता डॉ. रामजी गर्ग, डॉ. रेनू प्रजापति, रामनिवास गुप्ता, पुष्पराज सिंह, शुभम गोयल, डॉ. रिंकी तिवारी, अल्पना रानी खलखों, शिवकुमार, शिवानन्द साकेत, एवं प्रकासदास मानिकपुरी की गौरवमयी उपस्थिति रही। कार्यालयीन स्टॉफ बी.एल शुक्ला सुनीत जॉनसन बाड़ा, मीना त्रिपाठी, भोले प्रसाद रजक, कु. पारूल पटेल, कमलू सिंह मार्को लड्डू गोपाल रजक, माया देवी सिंह कु. साधना बुनकर, हेमन्त सिंह, प्रदीप मलिक, सतीष सोनी, ममता, महुवा दत्ता, पारस का भी सहयोग रहा।
रिपोर्ट - मनीराम सोनी
