संवाददाता अनिल मालवीय जिला हरदा एमपी से
खबर है हरदा जिले से सोमवार को आयोजित समयावधि अंकित पत्रों की समीक्षा बैठक में उन्होने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिये कि शिक्षकों का बगैर किसी उचित कारण के वेतन न रोका जाए।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की समीक्षा के दौरान सौ दिवस से अधिक लंबित शिकायतों एवं नान अटेंडेड शिकायतों की स्थिति पर कलेक्टर द्वारा नाराजगी व्यक्त की गई। टिमरनी एवं रहटगांव तहसील में सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण में कमजोर प्रदर्शन पाये जाने पर कलेक्टर ने एसडीएम टिमरनी से कहा कि वे स्वयं इन शिकायतों की मॉनिटरिंग करें एवं गुणवत्ता के साथ शिकायतों का निराकरण कराएं। सामाजिक सहायता योजनाओं से संबंधित लंबित शिकायतों को भी कलेक्टर ने गंभीरता से लिया। उप संचालक सामाजिक न्याय को निर्देश दिये गये कि सामाजिक सहायता योजनाओं में पूरी संवेदनशीलता के साथ हितग्राहियों की शिकायतों का समाधान किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में नल जल योजनाओं से पेयजल पर निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि कहीं भी दूषित जल की आपूर्ति न हो, यह ध्यान रखा जाए। जिले के शहरी क्षेत्रों को कचरा मुक्त बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए सारी दुकानों पर आवश्यक रूप से डस्टबिन रखे जाने के निर्देश दिये गये हैं। कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सुबह के समय नगरीय क्षेत्रों का भ्रमण कर दुकानों में डस्टबिन का रखा जाना सुनिश्चित कराएं।
बैठक में संकल्प से समाधान अभियान में प्राप्त हो रहे आवेदनों की ऑनलाइन एंट्री एवं फार्मर रजिस्ट्री की भी समीक्षा की गई। राजस्व विभाग की साप्ताहिक समीक्षा के दौरान नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, अभिलेख दुरूस्ती एवं रास्ता विवाद से संबंधित प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की मॉनिटरिंग करें एवं समय सीमा में प्रकरण निराकृत हो, यह सुनिश्चित किया जाए। बैठक में कलेक्टर द्वारा राजस्व वसूली पर भी जोर दिया गया। इस दौरान संयुक्त कलेक्टर सुश्री रजनी वर्मा, एसडीएम हरदा श्री अशोक डेहरिया, एसडीएम टिमरनी श्री संजीव कुमार नागू सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
