ब्यूरो रिपोर्ट: वरुण सिंह
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बाराबंकी में आयोजित श्री हनुमत विराट महायज्ञ एवं श्रीरामार्चा पूजन कार्यक्रम में शिरकत करते हुए कानून व्यवस्था, राम मंदिर और सरकार की नीतियों को लेकर सख्त और स्पष्ट संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण कभी संभव नहीं है और देश में रहना है तो कानून का पालन करना होगा।
सीएम योगी ने कहा कि कयामत के दिन का सपना देखने वालों को यह समझना चाहिए कि हिंदुस्तान में कायदे से रहना ही लाभ का रास्ता है। जो कानून तोड़ेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने जो कहा, उसे करके दिखाया और अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण इसका जीवंत उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले और अब की स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि पहले प्रदेश में अराजकता, जमीन कब्जे और असुरक्षा का माहौल था, लेकिन सरकार बदलते ही स्थिति पूरी तरह बदल गई। आज प्रदेश में बेटियां, व्यापारी और आम नागरिक सुरक्षित हैं, जिससे विकास को गति मिली है।
उन्होंने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और कानून अपने हाथ में लेने वालों को ऐसा सबक सिखाया जाएगा, जिसे आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि आज करोड़ों लोगों को पेंशन मिल रही है, गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर मिले हैं और प्रदेश के सभी 75 जिलों में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
सीएम योगी ने स्वच्छ भारत मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले गांवों में शौचालय नहीं थे, जिससे महिलाओं को परेशानी होती थी, लेकिन अब हर घर में शौचालय है और साफ पानी की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बेटियों के जन्म से लेकर विवाह तक सरकार की योजनाओं को समाज की जिम्मेदारी बताया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बाराबंकी को धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जनपद बताते हुए कहा कि यह भगवान विष्णु के वराह अवतार और लोधेश्वर महादेव की पावन भूमि है। उन्होंने घोषणा की कि लोधेश्वर महादेव मंदिर में काशी विश्वनाथ की तर्ज पर भव्य कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा।
सीएम योगी ने बाराबंकी के प्रगतिशील किसानों और पद्म सम्मान से सम्मानित किसान रामसरन वर्मा का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक खेती के माध्यम से जिले ने नई पहचान बनाई है। साथ ही, हॉकी के महान खिलाड़ी बाबू केडी सिंह की स्मृति को संरक्षित करने के लिए उनकी हवेली को स्मारक के रूप में विकसित किए जाने की जानकारी भी दी।
