नलखेड़ा। विकासखंड के शिक्षा विभाग के महिला कर्मचारीयों एवं अधिकारीयों द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी महेश कुमार जाटव पर अभद्रता का आरोप लगाया गया है जिसको लेकर कर्मचारियों द्वारा राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष के नाम एक ज्ञापन तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी को सौंपकर तत्काल प्रभाव से जिला शिक्षा अधिकारी महेश कुमार जाटव को हटाने की मांग की गई।
शुक्रवार को शिक्षा विभाग के कर्मचारियों द्वारा राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष प्रमुख सचिव सहित कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में बताया गया की प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी महेश कुमार जाटव 18 फरवरी बुधवार को नलखेड़ा में आयोजित बोर्ड परीक्षा के निरीक्षण करने हेतु आए थे
जाटव द्वारा नलखेड़ा के चार परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण के दौरान परीक्षा में ड्यूटी दे रहे कर्मचारियों के कक्ष में अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी जाटव द्वारा कर्मचारियों से तू तुकारा कर बदतमीजी की गई।
जाटव द्वारा कर्मचारियों को परीक्षा दे रहे बच्चों के संबंध में भी अव्यवहारिक निर्देश दिए गए। परीक्षा कक्ष में जाटव
द्वारा बच्चों के सामने ही जोर-जोर से चिल्ला चोट कर कक्षा में ड्यूटी दे रहे शिक्षकों का अपमान किया गया और कहा गया कि तुम लोगों को कुछ नहीं आता तुम लोग नौकरी के लायक नही हो और कई प्रकार से अभद्रता की गई जो ज्ञापन में लिखना उचित नहीं।
कर्मचारियों ने ज्ञापन में बताया की जिला शिक्षा अधिकारी जाटव द्वारा पूर्व में भी कर्मचारियों अधिकारियों की वेशभूषा तथा जाति समाज को लेकर अपशब्दों का उपयोग किया गया था जिसको लेकर कर्मचारियों द्वारा उनके विरुद्ध ज्ञापन दिए गए थे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उनके पास जिला शिक्षा अधिकारी और डीपीसी दोनों के प्रभार है। जाटव का मूल पत्र उच्च माध्यमिक शिक्षक है जबकि इनसे कई वरिष्ठ अधिकारी जिले में पदस्थ है। कर्मचारियों ने बताया कि जाटव आए दिन कर्मचारी और जिले में पदस्थ अन्य अधिकारीयों से भी मीटिंग में अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं जिससे जिले में कर्मचारियों में रोष व्याप्त हो रहा है।
ज्ञापन में कर्मचारियों ने मांग की है कि जाटव को जिला शिक्षा अधिकारी के पद से हटाकर उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही करे अन्यथा कर्मचारियों द्वारा चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
मुझ पर षड्यंत्र रचकर लगाए आरोप-
जिला शिक्षा अधिकारी जाटव
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी महेश कुमार जाटव से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि वहां के कुछ कर्मचारीयों एवं अधिकारियों द्वारा मेरे खिलाफ षडयंत्र रचकर मनगढ़ंत आरोप लगाए गए हैं जो सरासर औचित्यहीन एवं निराधार है। मेरे द्वारा किसी को भी अपमानित नहीं किया गया है जबकि इन लोगों द्वारा मुझे 30 मिनट एक कमरे में रोक कर मुझे बंधक बनाया गया। वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना कैद हो चुकी है अगर सीसीटीवी फुटेज देखेंगे तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने बताया कि मनगढ़ंत षड्यंत्र रचकर मुझको जिला शिक्षा अधिकारी के पद से हटकर वहां के अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी बनना चाहते हैं इसीलिए इस प्रकार की साजिश रचकर मुझे बदनाम किया जा रहा है।
रिपोर्ट/आशिक अगवान
