प्रकट दिन महोत्सव : श्री का मंदिर रोशनी से जगमग
"चला शेगावासी जाऊ, गजानन देवा पाहू..." संतवाणी की इसी भावधारा के साथ संत नगरी शेगांव में श्री गजानन महाराज का 148वां प्रगट दिन महोत्सव भक्तिभाव से मनाया जा रहा है। आज 8 फरवरी 2026 को प्रगट दिन के मुख्य समारोह के पूर्व ही राज्यभर से 750 से अधिक दिंडियां शेगांव पहुंच चुकी और दिंडियों का आगमन लगातार जारी है । मृदंग की गूंज और अभंग-कीर्तन के स्वर वातावरण को भक्तिमय बना रहे हैं। मंदिर परिसर में हर दिन प्रातः 6 बजे काकड़ आरती, सुबह भजन, दोपहर प्रवचन, शाम हरिपाठ तथा रात में हरि कीर्तन जैसे विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
पालकी यात्रा संत श्री गजानन महाराज मंदिर के उत्तर द्वार से प्रारंभ होकर महातमा फुले बैंक मार्ग, क्रांतिसूर्य ज्योतिराव फुले चौक, संत सावता महाराज चौक, हरिहार मंदिर, भीमलगर, तीन पुताना परिसर, नगर परिषद स्कूल क्रमांक 2. फुले नगर, प्रगटस्थल, सीतामाता मंदिर, लाइब्रेरी पुल मार्ग से होते हुए मंदिर के पश्चिम द्वार से पुक मंदिर परिसर में पहुंची।
प्रगट दिन उत्सव के उपलक्ष्य में मंदिर और परिसर को पीली तथा रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी से सजाया गया है। प्रवेश द्वारों पर विशेष सजावट की गई है। इस महोत्सव में प्रतिदिन हजारों भक्त श्री की समाधि के दर्शन कर रहे हैं। दर्शन व्यवस्था, मुखदर्शन, महाप्रसाद, पारायण मंडप सहित विभिन्न व्यवस्थाएं संस्थान की ओर से सुव्यवस्थित रूप से की गई है। यातायात को सुचारु रखने के लिए कुछ मार्गों पर एक तरफा व्यवस्था भी लागू की गई है।
महाराष्ट्र के प्रसिद्ध कीर्तनकारों द्वारा भी प्रवचन और कीर्तन हो रहे है
श्री संत गजानन महाराज संस्थान शेगांव की ओर से श्री के 148 वे प्रगटदिन उत्सव के अवसर पर श्री का मंदिर भक्तों के लिए पूरी रात खुला रहेगा। जिसके चलते भक्त रात के समय आनेवाले भक्त सुबह श्री का दर्शन, महाप्रसाद लेकर अपने गांव लौट सकेंगे।
विदर्भ की पंढरी संत नगरी शेगांव में 8 फरवरी को संत श्री गजानन महाराज का प्रकट महोत्सव आस्था के साथ मनाया जारहा हैं
मोहम्मद फारूक खामगांव
