लोकेशन नारायणपुर छत्तीसगढ़
संवाददाता खुमेश यादव
लोकसंस्कृति के संरक्षण और कलाकारों के प्रोत्साहन का सशक्त मंच बना बस्तर पंडुम
नारायणपुर, 17 जनवरी 2026 // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनजातीय बहुल बस्तर संभाग की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपरा और जीवनशैली को सहेजने के उद्देश्य से ओरछा विकासखंड में बस्तर पंडुम 2026 का भव्य आयोजन किया गया। ओरछा विकासखंड अंतर्गत ग्राम ओरछा में 15 जनवरी तथा ग्राम कोहकामेटा में 17 जनवरी को आयोजित कार्यक्रमों में आदिवासी कला और संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली।
आयोजन के दौरान बस्तर अंचल की लोककला, शिल्प, तीज-त्यौहार, खानपान, बोली-भाषा, रीति-रिवाज, वेश-भूषा, आभूषण और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मनोहारी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को आकर्षित किया। बस्तर पंडुम 2026 के माध्यम से जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक नृत्य, गीत-संगीत, नाट्य, आंचलिक साहित्य, वन औषधि तथा पारंपरिक व्यंजन और पेय पदार्थों के मूल स्वरूप के संरक्षण और संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया।
विभिन्न अंचलों से आए प्रतिभागियों ने बस्तर की 12 पारंपरिक सांस्कृतिक विधाओं में नृत्य, संगीत, पारंपरिक वाद्य, हस्तशिल्प, वन औषधि और स्थानीय व्यंजनों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों का कहना था कि बस्तर पंडुम लोक परंपराओं के संरक्षण के साथ युवा पीढ़ी में सांस्कृतिक गर्व की भावना को मजबूत करने और ग्रामीण कलाकारों को व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में एक सार्थक पहल है।
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, अधिकारी-कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में कलाकारों और प्रतिभागियों की उपस्थिति रही, जिससे आयोजन को व्यापक जनसमर्थन और उत्साह मिला।
