लोकेशन - कोयलीबेड़ा ( छत्तीसगढ)
संवाददाता - हेमन्त उसेन्डी
कांकेर पुलिस और बीएसएफ कैंप सुलंगी ने मानवता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए पांच वर्ष से गुम एक बुजुर्ग व्यक्ति को उसके परिजनों से मिलवाने में अहम भूमिका निभाई है।
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 05 जनवरी 2026 को बीएसएफ कैंप सुलंगी से जवान एरिया डॉमिनेशन ड्यूटी पर निकले थे। इसी दौरान हनुमान मंदिर सुलंगी के पास सड़क किनारे एक मानसिक रूप से विक्षिप्त बुजुर्ग व्यक्ति बैठा मिला। बीएसएफ जवानों द्वारा पूछताछ करने पर बुजुर्ग ने अपना नाम लक्ष्मण दायमा, पिता स्व. रामगोपाल दायमा, निवासी ग्राम तालनगरी, थाना व जिला होशंगाबाद (नर्मदापुरम), मध्यप्रदेश बताया।
बीएसएफ जवानों ने बुजुर्ग का फोटो व वीडियो बनाकर व्हाट्सएप ग्रुप एवं सोशल मीडिया के माध्यम से मध्यप्रदेश में प्रसारित किया। जानकारी मिलने पर पता चला कि उक्त बुजुर्ग की गुमशुदगी रिपोर्ट थाना होशंगाबाद (नर्मदापुरम) में गुम इंसान क्रमांक 13/2020 के तहत दर्ज है।
बुजुर्ग के परिजन, जिन्होंने उनके मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी, सौरभ दायमा (पुत्र) एवं गणेश दायमा (भतीजा) बीएसएफ जवानों के मोबाइल नंबर से संपर्क कर 07 जनवरी 2026 को होशंगाबाद से थाना सिकसोड, जिला कांकेर पहुंचे। थाना प्रभारी रामजी तारम को पूरी जानकारी देने के बाद तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कांकेर श्री निखिल राखेचा (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं अंतागढ़ अनुविभाग के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी व पुलिस स्टाफ द्वारा परिजनों के साथ सरपंचों एवं कोटवारों की मदद से तलाश शुरू की गई। तलाश के दौरान बुजुर्ग के पोडग़ांव, थाना अंतागढ़ की ओर पैदल जाने की सूचना मिली, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए वहां पहुंचकर बुजुर्ग को सुरक्षित बरामद किया गया।
बुजुर्ग को थाना सिकसोड लाकर उनकी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली गई तथा परिजनों एवं थाना होशंगाबाद के जांच अधिकारी से वीडियो कॉल के माध्यम से पहचान की पुष्टि कराई गई। बाद में बुजुर्ग को सुपुर्दनामा पर परिजनों को सौंपकर सकुशल उनके गृह ग्राम रवाना किया गया।
पांच वर्ष बाद अपने पिता से मिलकर पुत्र सौरभ दायमा का चेहरा खुशी से खिल उठा। परिजनों ने नक्सल मोर्चे में तैनात बीएसएफ जवानों एवं कांकेर पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस पूरे मामले में थाना प्रभारी रामजी तारम, स.उ.नि. मतराम बरिहा, आरक्षक 395 मनोज टोप्पो, आरक्षक 905 सरजू नेताम एवं आरक्षक 654 राधेश्याम ध्रुव का विशेष योगदान रहा।
