मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से पुनीत शाक्य रिपोर्टर की ख़ास रिपोर्ट।
शिवपुरी नगरपालिका भ्रष्टाचार के तो रिकॉर्ड बना रही है, लेकिन जनहित के कामों से दूरी बनाए हुए हैं। सर्दी का प्रकोप होने लगा है तथा लोग ठंड से मरने लगे, लेकिन सार्वजनिक स्थलों पर जलने वाले अलाव कहीं नजर नहीं आ रहे। पिछले दिनों बस स्टेंड पर मिली ईसागढ़ के युवक अरुण त्यागी की लाश मिली थी। बताते हैं कि उस सुबह कड़ाके की ठंड थी, और वो बुरी तरह कांप रहा था। यदि बस स्टेंड जैसी सार्वजनिक जगह पर अलाव जल रहा होता, तो शायद वो नहीं मरता। शहर के बस स्टेंड, रेलवे स्टेशन, जिला अस्पताल, सहित प्रमुख चौराहों पर अलाव जलाए जाते थे, ताकि आने वाली सवारियों के अलावा उन्हें गंतव्य तक ले जाने वाले ऑटो वाले भी वहां आग तापते थे।
दिसंबर का पहला सप्ताह गुजर गया है, तथा यही कड़ाके की सर्दी का समय है, क्योंकि जनवरी के आधा होते ही सर्दी कम होने लगती है। ऐसे में नपा के कर्णधार शहर में अलाव तो जला सकते हैं, ताकि फिर कोई इंसान की मौत ठंड से न हो। फिलहाल तो नपा के जिम्मेदार पीआईसी बैठकों से शहर विकास का खाका खींच रहे हैं।
शिवपुरी बस स्टेंड पर रात 11.30 बजे तक यात्री बसों की आवाजाही रहती है।
