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जगमंडल परिक्षेत्र के ककैया बीट मे दो सप्ताह से बाघ का मूंवमेट, ग्रामीणों में बना दशहत का माहौल! NN81



NEWS NATION 81

संवाददाता- गजेंद्र पटेल

लोकेशन- जिला मंडला

तीन दिन पहले भैंस को बनाया शिकार,वन विभाग की टीम कर रही निगरानी,लोगों को जंगल की तरफ ना जाने की अपील ..

वन मंडल परिक्षेत्र के जगमंडल ककैया बीट में  पिछले दो सप्ताह से टाईगर की मूंवमेट देखी जा रही है। यहां बाघ की हलचल मरार टोला गांव के समीपी तालाब के आसपास एक ही जगह में बनी हुई है। बाघ के आतंक से गांव में काफी ज्यादा दशहत का माहौल भी बना हुआ है। इधर अब तक बाघ के हमले से आधा दर्जन से अधिक पशुओ की मौत भी जा चुकी है। विभागीय अमला क्षेत्र में लगातार मॉनिंटरिंग कर  रहा है । जहाँ ग्रामीणों को जंगल की ओर जाने से मना किया गया है।

 

बताया जाता है कि वन मंडल परिक्षेत्र के जगमंडल रेंज अंजनिया अंतर्गत ककैया बीट के अजगर दादर एरिया में बीते दो सप्ताह से अधिक बाघ का मूंवमेट बना हुआ है। यहां टाईगर की साइटिंग ग्राम पंचायत पौंडी के मरार टोला गांव मे तालाब के आसपास देखी जा रही है। ग्रामीणो के अनुसार टाईगर के हमले से अब गांव के आधा दर्जनों से अधिक पशुओं की मौत हो गई है। विभाग भी लगातार वन्य क्षेत्र में विचरण कर रहे टाईगर पर नजरे जमाए बैठा है। वन विभाग का अमला ग्रामीणों से किसी भी स्थिति पर टाईगर को देखे जाने पर इसकी सूचना विभाग को देने की बात कही गई है l 


वन विभाग ने टाईगर की क्षेत्र में होने की पुष्टि-


अंजनिया जगमण्डल परिक्षेत्र की रेंजर लतिका तिवारी ने ककैया बीट में टाईगर की मौजूदगी बनी रहने की पुष्टि की है। उनका कहना है कि एरिया वन क्षेत्रीय होने के साथ कान्हा से सटा हुआ है।जिससे यहां अधिकतर वन्य -जीव की साइटिंग देखने मिल सकती है। हालांकि उन्होने यहां कहा है कि बाघ एक हिंसक जानवर है।जिससे यहां व्यक्तियों को बाघ से सावधानी बरतनें के लिए सुरक्षात्मक उपाय बताए जा रहे है। इस ओर वन विभाग की टीम भी लगातार बाघ की मूंवमेंट पर नजरे जमाए बैठा हुआ है। 


पन्द्रह दिनों से टाईगर की एक ही एरिया में मौजूदगी- 


यहां मरार टोला गांव के तालाब के समीप टाईगर की मौजूदगी लगभग पन्द्रह दिनों के आसपास बनी हुई है। गांव के ग्रामीण रात में घर से बाहर नहीं निकल पा रहे है। बाघ की दशहत से पूरा गांव सहमा हुआ है। ग्रामीण मनोज भॉंंवरे, सुरेश पटैल, हरिओम पटैल, अंशुमन पटैल राजेन्द्र भांवरे अलावा अन्य ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय बाघ के दहडने की आवाज गांव तक सुनाई पडती है। जिससे लोगो के कान टहरा उठते है। इस ओर  ग्रामीणों द्वारा तीन दिसबंर की रात को टाइगर की भैंस का गारा करने के दौरान की एक तस्वीर बडे दूरी केपच्च ऱ की गई है। जिसमें बाघ चट्टाननुमा पत्थर के नजदीक एक भैंस पर जानलेवा हमला कर उसके पास देखा जा रहा है। यह तस्तीर सोशल मीडिया पर अब जमकर वायरल हो रही है। 


आधा दर्जन से ज्यादा पशुओं पर बाघ का जानलेवा हमला- 


यहां बाघ पिछले पन्द्रह से बीस दिनों मे अब तक गांव के आधे दर्जनों के ज्यादा ग्रामीणों की पशुओ पर हमला कर मूकवाधिर जानवरों को जान से मार चुका है। जिसमें तीन दिसंबर की रात को छवि लाल भॉंवरे की एक भैंस को गारा बनाया है l गत दिवस पहले विजय प्रकाश सैन की एक गाय ,मंगल भॉंवरे की एक गाय की बाघ के हमले से जान जा चुकी है। इसमे  तकरीबन आधा दर्जन से अधिक बेजुबान जानवार शामिल है।

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