मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले की काला पीपल तेहसील से शिव प्रसाद अकेला की रिपोर्ट
अरनिया कला (शिव प्रसाद अकेला)
शाजापुर जिले की सबसे बड़ी पंचायतों में शामिल अरनिया कला में वर्षों से लंबित महाविद्यालय की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। दस हजार से अधिक की जनसंख्या और क्षेत्रीय शिक्षा व व्यापार का प्रमुख केंद्र होने के बावजूद आज तक यहां महाविद्यालय की स्थापना न होना क्षेत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण माना जा रहा है।
महाविद्यालय खोलने की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर अक्टूबर माह में अरनिया कला की सरपंच श्रीमती रजनी कमल चन्द्रवंशी ने क्षेत्रीय विधायक घनश्याम चन्द्रवंशी को मांग पत्र सौंपा था। विधायक ने भी इस विषय को गंभीरता से लेते हुए शासन स्तर पर प्रयास करने का आश्वासन दिया है।
अरनिया कला में वर्तमान में जवाहर नवोदय विद्यालय, उप तहसील कार्यालय, कृषि उपज उप मंडी, महर्षि सांदीपनि विद्यालय, 132 केवी विद्युत ग्रिड सहित पांच हायर सेकेंडरी विद्यालय संचालित हैं। इसके साथ ही अरनिया कला आसपास के लगभग 50 गांवों के लिए शिक्षा, व्यापार और प्रशासन का केंद्र बिंदु है।
इसके बावजूद 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद क्षेत्र के सैकड़ों छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए शुजालपुर, आष्टा, सिहोर तथा अन्य दूरस्थ स्थानों पर जाना पड़ता है। आर्थिक कमजोरी और आवागमन की असुविधा के कारण अनेक विद्यार्थियों को मजबूरन अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती है, जिससे प्रतिभाएं आगे बढ़ने से वंचित रह जाती हैं।
विद्यार्थियों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए मंगलवार को सरपंच श्रीमती रजनी कमल चन्द्रवंशी ने अरनिया कला में शीघ्र महाविद्यालय खोलने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय, भोपाल में मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में क्षेत्र की जनसंख्या, शैक्षणिक आवश्यकता और आसपास के ग्रामीण अंचल की जरूरतों का उल्लेख करते हुए शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया गया है।
