लांजी, बालाघाट।
रिपोर्टर -खेमराज सिंह बनाफरे स्टेट रिपोर्टर मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश शासन की प्रधानमंत्री सड़क योजना (PMGSY) के तहत लांजी तहसील में किए गए एक निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। टेडवा से मोहझरी मुख्य मार्ग को जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क के डामरीकरण के लिए सरकार ने ₹73.95 लाख की भारी भरकम राशि स्वीकृत की थी।
ठेका राय सिंह एंड कंपनी को दिया गया था, लेकिन आरोप है कि ठेकेदार ने लोक निर्माण विभाग (PWD), लांजी के भ्रष्ट अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके योजना को पलीता लगा दिया है।
निर्माण में 'रेत का खेल': गुणवत्ता से समझौता
सबसे गंभीर उल्लंघन सड़क के साइड शोल्डर (कंधों) के निर्माण में सामने आया है। सड़क को मज़बूती और स्थिरता देने के लिए जहाँ उच्च गुणवत्ता वाले मुरूम का उपयोग होना चाहिए था, वहीं ठेकेदार ने कथित रूप से मानक सामग्री की जगह रेत का इस्तेमाल कर दिया है।
यह स्पष्ट रूप से निर्माण मानकों का उल्लंघन है और यह सीधे तौर पर सरकारी खजाने में लाखों के घोटाले का संकेत देता है। रेत का उपयोग सड़क को कमजोर करेगा और पहली ही बरसात में इसके जर्जर होने का खतरा बढ़ जाएगा।
सूत्रों का दावा है कि अधिकारियों की शह पर यह गुणवत्ताहीन कार्य किया गया, जिससे सड़क कमीशन-खोरी और भ्रष्टाचार की मिसाल बन गई है।
मौन जनप्रतिनिधि और न्याय की मांग
इस खुलेआम भ्रष्टाचार के बावजूद, क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की चुप्पी स्थानीय जनता के बीच आक्रोश पैदा कर रही है। जनता का सवाल है कि क्या इस घोटाले में उनकी भी सहमति है या वे कार्रवाई करने से डर रहे हैं?
स्थानीय लोगों और जागरूक नागरिकों ने मध्य प्रदेश शासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले और जनता के हितों से खिलवाड़ करने वाले ऐसे भ्रष्टाचारियों पर दंडात्मक और कड़ी कानूनी कार्रवाई करना ही न्याय संगत होगा।
