रोशनी आनंद वि. सिंह- पन्ना-
पवई – उपजेल पवई में गुरुवार को गीता जयंती के पावन अवसर पर एक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित रामगोपाल पाण्डेय ने बंदियों के बीच श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ कराया। उन्होंने गीता के प्रमुख अध्यायों और श्लोकों के माध्यम से जीवन में कर्तव्य, आत्मअनुशासन, सद्भाव एवं सकारात्मक सोच के महत्व को सरल भाषा में समझाया। पंडित पाण्डेय ने बताया कि गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला व्यवहारिक मार्गदर्शक है। इसके संदेशों से व्यक्ति अपने मन को नियंत्रित कर कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रख सकता है। उनके द्वारा दिए गए आध्यात्मिक संदेशों को बंदियों ने गंभीरता से सुना और अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाने की बात कही। कार्यक्रम में जेल अधीक्षक मुनिन्द्र मिश्रा, उपजेल प्रहरीगण तथा पूरा स्टाफ मौजूद रहा। अधीक्षक मिश्रा ने कहा कि ऐसे धार्मिक और प्रेरणादायक आयोजन बंदियों के मानसिक व नैतिक निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। उपजेल प्रशासन द्वारा किए गए इस आयोजन की सभी ने सराहना की और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
