न्यूज नेशन 81कोरबा:(छत्तीसगढ़) से संवाददाता - छविलाल राठिया की रिपोर्ट (छत्तीसगढ़) के विभिन्न क्षेत्रों में निवास करने वाले मूलनिवासी आदिवासियों ने मनाया नवाखाई पर्व।
आपको बता दें कि आज दिनांक 01 सितम्बर 2025। को छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रो और भू-भाग, जल, जंगल और जमीन में आदिकाल से निवास करने वाले छत्तीसगढ़ के मूलनिवासी आदिवासी लोग अपने पुरखों को समर्पित प्रकृति से निरंतर सीखने और पुरखों की परम्पराओं को निरन्तर बनाए रखने के लिए यह महत्वपूर्ण (नवाखाई) पर्व मनाते हैं। सभी आदिवासी एक साथ मिलकर अपनी संस्कृति,परम्परा,और प्रकृति देवी,देवताओ के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। नवाखाई पर्व संस्कृति, एकता छत्तीसगढ़ की समृद्ध परम्पराओं और प्राकृतिक धरोहरों से रूबरू कराया जाता है । नवाखाई पर्व उड़ीसा और छत्तीसगढ़ सहित कई पूर्वी राज्यों में धान की नई फसल के स्वागत और कृषक समुदाय के फसल को कुल देवी, देवताओं को अर्पित करने के बाद समाज और परिवार के साथ साझा किया जाता है।

