रायगड, नेरल (महाराष्ट्र) से शकील वारूणकर की रिपोर्ट
रायगड जिले मे सबसे ज्यादा बडी समझी जानेवाली नेरल सिटी के अंदर एक उर्दू स्कूल है जिसमे कुल 196 बच्चे तालीम हासिल कर रहे है.जिसमे कुछ बच्चो के पास नोटबुक की कमी को महसूस करते हुए रहमान फाउंडेशन ममदापूर(खाणका नोमानी)की तरफ से तकरीबन 76 बच्चो को बुक्स तक्सीम किये गये. जिसमे रेहमान फाउंडेशन की तरफ से परवेज भाई और दो लोग साथ मे थे. नेरल शहर के सलीम भाई तांबोली , रफिक भाई अत्तार , अलकश भाई मुल्ला इन लोगो ने अपना किमती वक्त स्कूल के लिए दिया और हमेशा देते रहते है नेरल उर्दू स्कूल के टीचर्स शाहनवाज डोंगरे सर, जिलानी सर, अबूबकर सर,और तीन लेडीज टीचर भी हाजीर रेहकर बच्चो को बुक्स तक्सीम करने मे मदत की है. नेरल उर्दू स्कूल के टीचर्स बहोत लगन और मेहनत करते है, जिसकी वजह से स्कूल के बच्चो की तादाद धीरे धीरे काफी बढ रही है. उर्दू स्कूल के टीचर्स बच्चो के पढाई के साथ साथ उनके खाने पीने और सेहत के बारे मे भी काफी फिकरमंद रहते है.
