बैतूल से कैलाश प्रसाद अग्निहोत्री की रिपोर्ट
भौंरा। नगर के मुख्य मार्ग पर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की भौंरा शाखा में इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण न होने से नगरवासियों में गहरा आक्रोश है। पिछले 46 वर्षों से यहां हर 15 अगस्त और 26 जनवरी को ध्वजारोहण किया जाता रहा है, लेकिन इस बार शाखा प्रबंधक दीपक कोटिया, जिन्हें मात्र चार माह पूर्व प्रभार सौंपा गया था, ने न तो कार्यक्रम आयोजित किया और न ही कार्यालय खोला।सुबह से ही बैंक का ताला बंद देखकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी फैल गई। दोपहर करीब 12 बजे ग्राम पंचायत भौंरा की सरपंच मीरा धुर्वे, जनपद सदस्य सुधीर नायक, मंडल उपाध्यक्ष जय किशोर मिश्रा, राजेंद्र कावड़कर, राजेश बरगले, सीरीज जायसवाल और अनेक ग्रामीण बैंक पहुंचे। वहां बैंक के बाहर ताला लटका मिला। मौके पर सभी की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया गया और ग्राम पंचायत के लेटरपैड पर जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत भेजी गई, जिसमें शाखा प्रबंधक पर तत्काल विभागीय कार्रवाई की मांग की गई है।
नगर के वरिष्ठ व्यापारी अशोक दुबे ने कहा, बैंक स्थापना के बाद से यह पहली बार है कि स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण नहीं हुआ। यह केवल एक रस्म नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गौरव और जनभावना का प्रतीक है। इसका उल्लंघन अस्वीकार्य है।क्या कहता है नियमभारत सरकार की राष्ट्रीय ध्वज संहिता, 2002 (भाग-III, अनुच्छेद 3.1) में स्पष्ट उल्लेख है कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी, सार्वजनिक उपक्रमों, शैक्षणिक संस्थानों और प्रमुख कार्यालयों में ध्वजारोहण कार्यक्रम अनिवार्य है। इसका पालन न करना न केवल परंपरा का उल्लंघन है, बल्कि संस्था की जिम्मेदारी पर गंभीर प्रश्नचिन्ह है।नागरिकों की स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह घटना केवल लापरवाही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय पर्व की गरिमा के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि शाखा प्रबंधक पर तत्काल विभागीय जांच बिठाई जाए, ताकि भविष्य में किसी भी राष्ट्रीय दिवस पर इस तरह की चूक न हो।
इनका कहनास्वतंत्रता दिवस देश के हर नागरिक के लिए गर्व का दिन है। 46 वर्षों से चली आ रही परंपरा को तोड़ना केवल लापरवाही नहीं, यह राष्ट्रीय पर्व की गरिमा के साथ खिलवाड़ है। ग्राम पंचायत की ओर से हमने इस घटना की शिकायत जिला कलेक्टर से की है और मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारी पर तुरंत कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी चूक दोबारा न हो।
मीरा धुर्वे,
सरपंच, ग्राम पंचायत भौंरा
