एमसीबी (छ.ग.)
रिपोर्ट - मनीराम सोनी
एमसीबी /मनेंद्रगढ़ - भारतीय संस्कृति में प्रत्येक त्यौहार अपने साथ सामाजिक, धार्मिक और वैज्ञानिक संदेश लेकर आता है। इन्हीं पर्वों में से एक हरियाली तीज व्रत भी है, जो महिलाओं की आस्था, दाम्पत्य सुख और सामाजिक समरसता का प्रतीक है।भरतपुर-सोनहत विधानसभा की विधायक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमती रेणुका सिंह ने हरियाली तीज की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि यह पर्व महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर अपने पति की दीर्घायु, परिवार की सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन की खुशहाली की कामना करती हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाली तीज केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि एक सामाजिक उत्सव भी है, जिसमें महिलाएं एकत्र होकर भजन-कीर्तन, लोकगीतों और पारंपरिक आयोजनों के माध्यम से सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखती हैं। इससे समाज में आपसी भाईचारा और रिश्तों की मजबूती बढ़ती है।श्रीमती सिंह ने आगे कहा कि यह पर्व प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर भी है। सावन मास को हरियाली और वर्षा का महीना कहा जाता है। यही समय है जब धरती नई ऊर्जा से भर उठती है। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद की दृष्टि से भी इस समय मानव शरीर का पाचन तंत्र कुछ कमजोर हो जाता है, ऐसे में एक दिन का व्रत रखने से स्वास्थ्य को भी लाभ पहुंचता है।अंत में उन्होंने सभी से अपील की कि इस पर्व के अवसर पर हम सब संकल्प लें कि अपनी परंपराओं के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता की दिशा में भी मिलकर कार्य करें ।
