हरदा जिले कि तहसील सिराली मे ।हरतालिका तीज का पावन पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। इस व्रत को सुहागिन माताएं अपने अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु के लिए करती हैं, वहीं अविवाहित कन्याएं योग्य वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत धारण करती हैं।पौराणिक मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान भोलेनाथ को पति स्वरूप पाने के लिए यह व्रत रखा था। कथा के अनुसार, उनकी सहेली उन्हें निर्जन वन में ले गई और वहीं यह व्रत करवाया। इसी कारण इस पर्व का नाम हरतालिका पड़ा।परंपरा के अनुसार महिलाएं निर्जल और निराहार रहकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करती हैं। विश्वास है कि यह व्रत जीवन में सुख-समृद्धि, दांपत्य सुख और सौभाग्य का वरदान प्रदान करता हैसिराली में जगह-जगह पूजन हुआ और महिलाओं ने हरतालिका तीज का पूजन-अर्चन किया। इस अवसर पर उपस्थित सुनील पंडित ने बताया कि हरतालिका व्रत से दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास और खुशहाली बनी रहती है
सवाददाता अनिल मालवीय सिराली

