संवाददाता
मनोज कुमार पात्रे
जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़
बिलासपुर शहर का जतिया तालाब उद्यान, कस्तुरबा नगर को निगम द्वारा बेहतर बनाने के बजाय नशे का अड्डा बना दिया गया है। जहां पहुंचकर सैकड़ों की संख्या में युवा सुबह से लेकर देर रात तक नशा कर रहे हैं। इसका नतीजा यह हो रहा है कि नशेड़ियों द्वारा स्मार्ट सिटी के तहत तालाब में किए गए सौंदर्यीकरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इससे निगम द्वारा लाखों रुपये की लागत से लगाए गए सामानों को नुकसान तो हो ही रहा है, साथ ही यहां पहुंचने वाले लोग भी खतरा महसूस कर रहे हैं। जतिया तालाब उद्यान में नशेड़ी इस तरह उत्पात मचा रहे हैं कि तालाब में लगी मूर्तियां, लाइटें, सोलर पेनल और कैमरों तक को तोड़ दिया गया है। साथ ही अंधेरे का फायदा उठाकर देर रात तक नशा कर रहे हैं। प्रतिदिन दर्जन से अधिक संख्या में युवा गांजा का कश लेते एवं शराब पीते दिखाई दिए जाते है। गार्डन में शराब की बोतलों और डिस्पोजल जगह जगह देखी जा सकती है।
इन नशेड़ियों का उद्यान में इस तरह कब्जा है कि लोग यहां आना पसंद भी नहीं करते हैं। वहीं, जतिया तालाब उद्यान खुलने का समय सुबह पांच से नौ बजे तक और शाम को चार बजे से आठ बजे तक निर्धारित किया गया है। लेकिन नशेड़ी युवा मनमानी करते हुए गेट कूदकर देर रात तक यहां नशा करने के लिए रुके रहते हैं।पुलिस की पैट्रोलिंग बंद, नशेड़ियों के हौसले बुलंद जतिया तालाब में पुलिस प्रशासन द्वारा नियमित रूप से पेट्रोलिंग भी नहीं की जाती है। इसके चलते नशे में डूबे लोगों को पुलिस प्रशासन का किसी प्रकार का खौफ भी नहीं है। मोहल्लेवासियों ने बताया कि पहले पुलिस प्रशासन द्वारा नियमित रूप से पेट्रोलिंग किया जाता था तो कुछ हद तक ऐसे नशेड़ी युवाओं पर लगाम लगी थी। लेकिन जब से पुलिस प्रशासन द्वारा इस ओर पेट्रोलिंग बंद की गई है, नशा करने के समय के साथ- साथ नशेड़ियों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।


