Type Here to Get Search Results !

🔴LIVE TV

गुरु एक तत्व है, गुरु एक शक्ति है। उन्हीं की मार्गों पर चलकर जीवन तैर सकता है : NN81

 स्लग :--- गुरु एक तत्व है, गुरु एक शक्ति है। उन्हीं की मार्गों पर चलकर जीवन तैर सकता है।


कार्यक्रम के पश्चात भोजन प्रसादी 


खिलाई। 


स्थान:--मनावर ।


मनावर धार से आशीष जौहरी की रिपोर्ट ।



विओ:- शांतिकुंज हरिद्वार के मार्ग दर्शन मे 24 कुंडिय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा में यज्ञ की पूर्णाहुति मे गायत्री परिवार के एवं पूरे क्षेत्र से आए सैकड़ों लोगों ने हजारों आहुतियां समर्पित की ।टोली नायक परमेश्वर साहू ने प्रज्ञा पुराण कथा में गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा आज विनाश के बादल छाए जो भगवान जो जुड़ेगा उसका बाल भी बांका नहीं होगा।अगले दो वर्ष के लिए गायत्री मंत्र से जुड़ कर,अपना,परिवार का समाज का कल्याण कर लीजिए ।अगले दो वर्ष में विश्व में अनेक परिर्वतन होंगे जिसके आप साक्षी बनेंगे।इसके लिए आप तीन माला गायत्री मंत्र की या 15 गायत्री मंत्र का जाप कीजिए।

और गुरु एक तत्व है ,एक शक्ति है और गुरु की शरण जाने से सबका समस्या का समाधान होता है। बिना गुरू के पता मनुष्य जीवन पार नहीं कर सकता है।

परमेश्वर साहू ने बताया कि शासन ,प्रशासन

नही अपने ग्राम को स्वर्ग बनाना है।स्वच्छता के लिए प्रयास कीजिए।

हर आदमी भगवान से जुड़ने का प्रयास करे।।आदर्श शादियां हो।प्रसन्नता के दो ही उपाय है , आवश्यकताए कम करे और परिस्थितीयो से ताल मेल बिठाए।

प्रज्ञा पुराण कथा के माध्यम से शांतिकुंज प्रतिनिधि ने बताया हिमालय में ऋषियों की सभा में गृहस्थ आश्रम को सबसे बड़ा बताया।

गृहस्थ ही वानप्रस्थ और सन्यासियो की व्यवस्था करता है।आज ग्रहस्थ आश्रम अपने लक्ष्य से भटक गया ।उसमे विकार आ गया परिवार व्यवस्था बिगड़ती चली जा रही हैं।पहले जहा सब परिवार सहित मिल जुल कर रहते थे।गृहस्थ के बारे में बताया कि

ग्रहस्थ जीवन एक तपोवन है। जिसमे सयंम पालन करना चाहिए।एक दूसरे सेवा होगी तो ही गृहस्थ चलेगा ।ग्रहस्थ जीवन में कर्तव्य, कर्म सही करे तो घर स्वर्ग बन जाता है।परिवार के संचालन के लिए पति ,पत्नी रथ के दो पहिए है।पति, पत्नी का संबंध अटूट विश्वास का होता है ।एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए। देव पूजन और प्रज्ञा पुराण कथा का पूजन मुख्य यजमान लवकुश पाटीदार ने किया। कार्यकर्ताओ सम्मान किया गया।ग्राम की विभिन्न समितियो के के साथ चौबीस गांव के मंडल प्रमुखों का सम्मान का गिरधारी लाल मालवीय ने किया।कार्यक्रम  

का संचालन सुखदेव पाटीदार ने किया ।आभार लवकुश पाटीदार ने माना। हरिओम सेठी, देवदास पाटीदार, विश्राम ,जगदीश , नारायण भाई एवम अन्य कार्यकर्ताओ ने हवन किया।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Advertisement

#codes